Friday, October 16, 2026

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मांडू में सूखे का संकट गहराया, तालाबों का पानी बचाने के लिए नगर परिषद ने की मुनादी

मांडू में सूखे का संकट गहराया, तालाबों का पानी बचाने के लिए नगर परिषद ने की मुनादी

राहुल सेन मांडव
मो

मांडू न्यूज। अल्प वर्षा के कारण धार जिला पूर्ण रूप से सूखाग्रस्त घोषित हो चुका है। इसका सीधा असर ऐतिहासिक पर्यटन नगरी मांडू पर भी पड़ा है। नगरीय क्षेत्र के तालाबों में इस बार सीमित मात्रा में ही पानी संग्रहित हो पाया है। ऐसे में मांडू नगर के जागरूक लोगों वह कहार समाज के द्वारा नगर परिषद मांडू के अधिकारी सुशील ठाकुर को ज्ञापन दिया गया वही ज्ञापन में बताया गया कि मुनादी कराकर मांडू के 15 वार्ड तालाबों मेसे नागरिकों को तालाबों का पानी कृषि व निर्माण कार्यों में उपयोग न करने की अपील की है।

नगर परिषद के अनुसार मांडू नगर परिषद के 15 वार्ड के अंतर्गत जितने भी तालाब एवं सार्वजनिक पेयजल टांका में वर्षा ऋतु का पानी सीमित मात्रा में जमा हुआ है। यही पानी आने वाली ग्रीष्म ऋतु में स्थानीय नागरिकों और मवेशियों के लिए जीवनरेखा साबित होगा।

कृषि कार्य में पानी उपयोग करने पर पेयजल संकट की आशंका

नगर के जागरूक लोग वह कहार समाज के द्वारा स्पष्ट किया है कि यदि उक्त जलस्रोतों के पानी का उपयोग कृषि कार्य, खेतों की सिंचाई अथवा अन्य गैर-आवश्यक कार्यों एवं नवीन निर्माण कार्यों में किया गया, तो जलस्तर में तेजी से कमी आएगी। इससे वार्ड के नागरिकों एवं मवेशियों के सामने गंभीर पेयजल समस्या खड़ी हो सकती है।

जनहित को देखते हुए परिषद ने सभी स्थानीय निवासियों, कृषकों तथा नवीन निर्माणकर्ताओं से सहयोग की अपील की है कि वे पेयजल स्रोतों के पानी का उपयोग कृषि व निर्माण कार्यों में न करें, ताकि संग्रहित पानी सुरक्षित रह सके।

कहार समाज ने भी सौंपा आवेदन, मछली पालन पर संकट

इधर, माण्डव के कहार समाज ने भी नगर परिषद को आवेदन सौंपकर तालाबों का पानी सुरक्षित रखने की मांग की है। समाज का कहना है कि उन्होंने माण्डव नगरीय क्षेत्र के समस्त तालाबों में मछली छोड़ रखी है, जो वर्तमान में न्यूनतम आकार में ही बड़ी हुई है।

यदि कृषकों द्वारा तालाबों का पानी कृषि कार्य में उपयोग कर लिया गया, तो तालाब सूख जाएंगे और मछली विक्रय योग्य नहीं रह पाएगी। इससे कहार समाज के परिवारों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।

कहार समाज ने मांग की है कि प्रशासन अपने स्तर से स्थानीय नागरिकों को तालाबों का पानी कृषि कार्य में उपयोग नहीं करने के लिए सूचित करे और संग्रहित पानी को सुरक्षित रखा जाए, ताकि वह कृषि कार्य को छोड़कर अन्य आवश्यक उपयोग में आ सके वही ज्ञापन देने पहुंचे कहार समाज के अध्यक्ष शिव चौहान , कहार समाज के उपाध्यक्ष राजु आर्य ,नगर परिषद एल्डरमैन मुकेश पटेल,मुन्ना चौहान,राधेश्याम आर्य, खुमान पटेल, धनसिंग,प्रकाश,लालसिंग।

उल्लंघन पर होगी कार्यवाही

नगर परिषद ने चेतावनी दी है कि पेयजल स्रोतों के संरक्षण के लिए यदि कोई नागरिक आदेश का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। सुशील ठाकुर नगर परिषद अधिकारी

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