मनरेगा में लापरवाही पर शिकंजा, 34 ग्राम पंचायतों में कम मानव दिवस सृजन पर 22 रोजगार सेवकों व नौ ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस, तीन दिन में जवाब तलब
संवाददाता पियूष गंगवार Ntvtime
मनरेगा के कार्यों में लापरवाही और निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप मानव दिवस सृजित नहीं किए जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। डीसी मनरेगा हेमंत कुमार यादव की समीक्षा में जिले की 34 ग्राम पंचायतों में मनरेगा कार्यों की स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। कई ग्राम पंचायतों में लक्ष्य के सापेक्ष काफी कम मानव दिवस सृजित किए जाने के साथ ही जॉबकार्ड धारक परिवारों को मांग के अनुरूप रोजगार उपलब्ध नहीं कराने और कार्य अधूरे छोड़ने के मामले सामने आए।
मामले को गंभीरता से लेते हुए डीसी मनरेगा के निर्देश पर बीडीओ सर्वेश कुमार ने संबंधित ग्राम पंचायतों के 22 रोजगार सेवकों और नौ ग्राम पंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। नोटिस जारी होने के बाद संबंधित कर्मचारियों में खलबली मची हुई है। सभी से तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
नोटिस पाने वाले ग्राम पंचायत अधिकारियों में मुकेश कुमार राना, संतोष कुमार वर्मा, जाकिर अली, आरेंद्र गंगवार, रेनू देवी, रितेश शुक्ला, विजय तिवारी, राहुल गंगवार और नेहरूद्दीन शामिल हैं। विभागीय समीक्षा में सामने आई कमियों को लेकर संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से जवाब मांगा गया है।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि प्रत्येक जॉबकार्ड धारक परिवार को उसकी मांग के अनुसार नियमानुसार 100 दिन का रोजगार उपलब्ध कराया जाए। इसके साथ ही ग्राम पंचायतों में स्वीकृत मनरेगा कार्यों को निर्धारित समय में पूरा कराने और कार्यों की प्रगति तथा मानव दिवस सृजन की जानकारी समय से पोर्टल पर फीड करने को कहा गया है।
विभाग ने लापरवाही को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि निर्धारित अवधि में जवाब नहीं देने अथवा जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने पर संबंधित रोजगार सेवकों और ग्राम पंचायत अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसमें मानदेय कटौती के साथ विभागीय कार्रवाई भी शामिल है। अधिकारियों को मनरेगा कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और पात्र जॉबकार्ड धारकों को मांग के अनुसार रोजगार उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।


