Saturday, September 19, 2026

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चलती ट्रेन में मोबाइल देखना पड़ा भारी: खिड़की के गैप से नीचे रेलवे ट्रैक पर गिरी बच्ची; यात्रियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा

कटनी-जबलपुर रेल मार्ग पर बड़ा हादसा टला: 70 की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की के गैप से नीचे गिरी बच्ची, लहूलुहान हालत में रेस्क्यू, लोग बोले- ‘ये साक्षात चमत्कार है’

जबलपुर: कटनी और जबलपुर रेलवे स्टेशन के बीच पवन एक्सप्रेस में एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। ट्रेन की इमरजेंसी खिड़की के पास खेल रही एक डेढ़ साल की मासूम बच्ची अचानक झटका लगने से सीधे नीचे रेलवे ट्रैक पर जा गिरी। घटना के वक्त बच्ची की माँ लोअर बर्थ पर बैठकर मोबाइल फोन देखने में पूरी तरह व्यस्त थी। गनीमत रही कि बोगी में मौजूद यात्रियों ने तत्परता दिखाते हुए तुरंत आपातकालीन जंजीर (चेन पुलिंग) खींच दी, जिससे समय रहते बच्ची की जान बचाई जा सकी।

मुंबई जा रही थी महिला, मोबाइल में भटका ध्यान

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार के मुजफ्फरपुर की रहने वाली 26 वर्षीय संजीदा खातून अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ पवन एक्सप्रेस (मुजफ्फरपुर से लोकमान्य तिलक टर्मिनस) से मुंबई जा रही थीं, जहाँ उनके पति नौकरी करते हैं। ट्रेन जब कटनी स्टेशन से रवाना होकर जबलपुर की ओर बढ़ रही थी और उसकी रफ्तार लगभग 70 किलोमीटर प्रति घंटा थी, तब संजीदा ने बच्ची को सीट पर अपने बगल में छोड़ दिया और खुद मोबाइल चलाने लगीं। इसी बीच बच्ची खेलते-खेलते इमरजेंसी खिड़की के पास पहुँच गई।

खिड़की के खाली हिस्से से नीचे गिरी मासूम

सह-यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के इस कोच की इमरजेंसी खिड़की में सामान्य खिड़कियों के मुकाबले लोहे की रॉड कम थीं, जिसके कारण बीच में काफी खाली जगह (गैप) थी। बच्ची उसी खिड़की की रॉड को पकड़कर खड़ी होने की कोशिश कर रही थी कि तभी अचानक ट्रेन में एक तेज झटका लगा। झटका लगते ही बच्ची का हाथ छूटा और वह खिड़की के खाली हिस्से से करीब 8 फीट नीचे रेलवे ट्रैक के किनारे नुकीली गिट्टियों (पत्थरों) पर जा गिरी। कुछ ही पलों में जब माँ का ध्यान मोबाइल से हटा, तो बच्ची सीट पर नहीं थी और बोगी में चीख-पुकार मच गई।

यात्रियों की सूझबूझ और रोंगटे खड़े कर देने वाला रेस्क्यू

स्थिति को भांपते हुए बोगी में मौजूद यात्रियों ने बिना एक सेकंड गंवाए तुरंत चेन पुलिंग कर ट्रेन को रोका। ट्रेन रुकते ही यात्री, रेल कर्मचारी और सुरक्षा बल के जवान तुरंत ट्रैक पर पीछे की ओर दौड़े। इतनी तेज रफ्तार ट्रेन से गिरने और पत्थरों पर चोट लगने के कारण बच्ची के सिर, पीठ और हाथ-पैर से खून बह रहा था, लेकिन वह सुरक्षित और होश में थी। मौके पर मौजूद लोगों ने बच्ची की जान बचने को भगवान का साक्षात चमत्कार माना।

प्राथमिक उपचार के बाद मुंबई रवाना

ट्रेन जैसे ही जबलपुर स्टेशन पहुँची, रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्य विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए बच्ची को संभाला और तुरंत जिला अस्पताल पहुँचाया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। RPF पोस्ट प्रभारी राजीव खरब ने बताया कि जबलपुर में महिला का कोई परिचित न होने और उन्होंने मुंबई में ही आगे का इलाज कराने की इच्छा जताई, जिसके बाद रेल प्रशासन ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए माँ-बेटी को दूसरी ट्रेन से मुंबई के लिए सुरक्षित रवाना कर दिया। रेलवे ने इस घटना के बाद यात्रियों से सफर के दौरान बच्चों पर विशेष ध्यान रखने और लापरवाही न बरतने की सख्त अपील की है।


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