Thursday, October 1, 2026

TOP NEWS

जबलपुर में बड़ा सड़क...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )जबलपुर के संजीवनी नगर क्षेत्र में तेज रफ्तार अर्टिगा...

लक्षद्वीप के पास आधी...

समंदर में ड्रग सिंडिकेट पर बड़ी चोट! कोस्ट गार्ड और गुजरात ATS ने लक्षद्वीप के पास ₹3000 करोड़ का ड्रग्स जब्त कर 5 पाकिस्तानियों को दबोचा। पढ़ें पूरी रिपोर्ट।

ओंकारेश्वर में बड़ा हादसा...

( संवाददाता प्रफुल्ल तंवर )एनटीवी टाइम न्यूज/ मध्य प्रदेश की तीर्थनगरी ओंकारेश्वर में...

MP: खाकी पर दाग!...

MP के ग्वालियर में उज्जैन के कांस्टेबल राकेश रायकवार पर दुष्कर्म का केस दर्ज। महिला पुलिसकर्मी ने लगाया ब्लैकमेलिंग का आरोप। पूरी खबर NTV TIME पर।
Homeमध्य प्रदेशMP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में कोटे की 95.4% बारिश दर्ज; पूर्वी...

MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में कोटे की 95.4% बारिश दर्ज; पूर्वी हिस्से में झमाझम, इंदौर समेत पश्चिमी MP अब भी पिछड़ा

MP Monsoon Update: मध्य प्रदेश में कोटे की 95.4% बारिश दर्ज; पूर्वी हिस्से में झमाझम, इंदौर समेत पश्चिमी MP अब भी पिछड़ा

भोपाल/इंदौर: देश में इस बार भले ही 13वां सबसे सूखा मानसून दर्ज किया गया हो, लेकिन मध्य प्रदेश के लिए यह सीजन काफी हद तक राहत भरा रहा है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के अंत तक कोटे की कुल 95.4% बारिश दर्ज की जा चुकी है। सितंबर के आखिरी दिनों में पूर्वी मध्य प्रदेश में हुई भारी बारिश ने राज्य को बड़े सूखे के संकट से उबार लिया।

हालाँकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि 96 से 104% तक होने वाली बारिश को ही ‘सामान्य मानसून’ माना जाता है, जिससे राज्य इस बार बेहद मामूली अंतर से पीछे रह गया है।

दो हिस्सों में बंटा प्रदेश: पूर्वी और पश्चिमी MP में बड़ा अंतर

इस मानसून सीजन में पूरे प्रदेश में एक समान पानी नहीं बरसा है:

  • पूर्वी मध्य प्रदेश (रिकॉर्ड बारिश): राज्य के पूर्वी जिलों (जैसे मऊगंज, सतना और उमरिया) में मानसून जमकर मेहरबान रहा, जहाँ 50 इंच से अधिक बारिश दर्ज की गई।
  • पश्चिमी मध्य प्रदेश (इंदौर संभाग सबसे पीछे): पश्चिमी हिस्से के कई जिलों में इस बार सूखापन देखा गया। इंदौर संभाग बारिश के मामले में सबसे ज्यादा पिछड़ा रहा, जहाँ आलीराजपुर जैसे जिलों में 20 इंच पानी भी नहीं गिरा है।

आंकड़ों की नज़र से मध्य प्रदेश का मानसून

  • कुल प्राप्त वर्षा: लगभग 35.6 इंच (कुल कोटे का 95.4%)।
  • कोटा पूरा करने वाले जिले: भोपाल और ग्वालियर समेत कुल 25 जिलों ने अपना बारिश का टारगेट पूरा कर लिया है।
  • घाटे में रहने वाले जिले: प्रदेश के आधे से अधिक (करीब 30) जिलों में इस बार बारिश का कोटा फुल नहीं हो सका है। हालांकि, इनमें से 7 जिले सामान्य के बेहद करीब हैं।

अगले 48 घंटों में विदाई का काउंटडाउन

मौसम केंद्र (IMD) के अनुसार, मानसून की अवधि में अब गिने-चुने दिन ही बचे हैं और राज्य में किसी नए मजबूत वेदर सिस्टम के सक्रिय होने की संभावना बेहद कम है। शुष्क हवाएं चलने के साथ ही अगले 2 से 3 दिनों के भीतर पश्चिमी मध्य प्रदेश से मानसून की आधिकारिक विदाई शुरू हो जाएगी।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments