Wednesday, October 28, 2026

TOP NEWS

भारत और अमरीका ने...

फिलीपींस के सेबू में आयोजित एडीएमएम-प्लस बैठक के दौरान भारत और अमेरिका ने आतंकवाद के खात्मे के लिए अपनी संयुक्त प्रतिबद्धता दोहराई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और अमेरिकी सेक्रेटरी पीट हेगसेठ ने 10 वर्षीय रक्षा कार्यक्रम की समीक्षा की और एक स्वतंत्र, खुले व सुरक्षित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए आपसी सहयोग को मजबूत करने पर जोर दिया।

इंदौर में करवा चौथ...

इंदौर में करवा चौथ का चांद कब निकलेगा? जानें इंदौर में चंद्रोदय का सटीक समय (रात 8:34 बजे) और भोपाल, उज्जैन सहित MP के सभी शहरों की पूरी टाइमिंग व मौसम का हाल।

सावित्री ठाकुर के प्रयासों...

केंद्रीय मंत्री सावित्री ठाकुर के प्रयासों से धार जिले में महिला सुरक्षा के लिए निर्भया प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी। पिंक टॉयलेट, AI कैमरे समेत 7 प्रमुख घटकों को केंद्र की स्वीकृति।

गर्लफ्रेंड के शौक पूरे...

ग्वालियर में एयरफोर्स अफसर का इंजीनियर बेटा ट्रेनों के AC कोच में चोरी करते गिरफ्तार। गर्लफ्रेंड के महंगे शौक पूरे करने के लिए चुराए 35 VIP बैग। पढ़ें पूरी खबर।
Homeमध्य प्रदेशइंदौर एमपी में आसमान छुएंगी इमारतें: इंदौर-भोपाल में बन सकेंगी 100 मंजिला...

इंदौर एमपी में आसमान छुएंगी इमारतें: इंदौर-भोपाल में बन सकेंगी 100 मंजिला बिल्डिंग्स, सीएम मोहन यादव का ऐतिहासिक ऐलान

इंदौर/भोपाल: मध्य प्रदेश के शहरी विकास के इतिहास में एक बड़ा अध्याय जुड़ने जा रहा है। राज्य सरकार ने प्रदेश के महानगरों में वर्टिकल डेवलपमेंट यानी ऊंचाई की तरफ विकास को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक नीतिगत फैसला लिया है। इंदौर में आयोजित ‘अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव’ के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश के बड़े शहरों में अब 100 मंजिला इमारतें बनाने की अनुमति दी जाएगी। हालांकि, इसके लिए सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह होगी कि संबंधित क्षेत्र में सड़क की चौड़ाई पर्याप्त होनी चाहिए, ताकि यातायात व्यवस्था पर कोई प्रतिकूल असर न पड़े।

इंदौर और भोपाल बनेंगे मेगा महानगर, 6-6 जिलों को जोड़कर बनेगा मेट्रोपॉलिटन रीजन
इस मेगा अर्बन विज़न के तहत सरकार केवल बहुमंजिला इमारतों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इंदौर और भोपाल को देश के सबसे बड़े महानगरीय क्षेत्रों (Metropolitan Regions) के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। नई योजना के मुताबिक, इंदौर और भोपाल के आसपास के 6-6 जिलों को आपस में जोड़कर मेट्रोपॉलिटन सिटी का ढांचा तैयार किया जाएगा। इसके अंतर्गत न सिर्फ सड़कों और बुनियादी ढांचे का विकास होगा, बल्कि पूरे क्षेत्र के आर्थिक कॉरिडोर को एक सूत्र में पिरोया जाएगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि इंदौर-भोपाल के इस सफल प्रयोग के बाद जबलपुर और ग्वालियर को भी इसी तर्ज पर महानगरीय विकास की दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।

कृषि भूमि को बचाने और बड़े निवेश को आकर्षित करने की बड़ी रणनीति
सरकार के इस फैसले के पीछे एक सोची-समझी रणनीतिक सोच है। वर्तमान में शहरों के क्षैतिज (Horizontal) विस्तार के कारण उपजाऊ कृषि भूमि तेजी से कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो रही है। बहुमंजिला इमारतों (Vertical Growth) को मंजूरी मिलने से कम से कम जमीन पर अधिक से अधिक निर्माण हो सकेगा, जिससे कृषि भूमि पर दबाव काफी कम होगा। इसके साथ ही, इस नई इंटीग्रेटेड पॉलिसी और हाई-राइज बिल्डिंग्स के नियमों में ढील मिलने से वैश्विक स्तर के बड़े रियल एस्टेट डेवलपर्स और कॉर्पोरेट कंपनियां मध्य प्रदेश का रुख करेंगी, जिससे राज्य में भारी निवेश आएगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के लाखों नए अवसर पैदा होंगे।

सरकार इस पूरे बदलाव को नए लागू किए गए ‘महानगर क्षेत्र नियोजन एवं विकास नियम’ के तहत अमलीजामा पहना रही है, जो आने वाले समय में मध्य प्रदेश की सूरत बदलने का दम रखता है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments