Wednesday, September 16, 2026

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आयुर्वेद का वरदान है ‘नेगड़े’, जोड़ों के दर्द से लेकर सांस की बीमारी तक को जड़ से मिटाती है यह जादुई जड़ी-बूटी

आयुर्वेद का वरदान है ‘नेगड़े’, जोड़ों के दर्द से लेकर सांस की बीमारी तक को जड़ से मिटाती है यह जादुई जड़ी-बूटी

हेल्थ डेस्क, NTV TIME:
बदलते लाइफस्टाइल और गलत खानपान के कारण आजकल जोड़ों में दर्द, सूजन और कफ से जुड़ी परेशानियां बेहद आम हो चुकी हैं। इन समस्याओं से राहत पाने के लिए लोग अक्सर पेन किलर्स का सहारा लेते हैं, जिसके कई साइड इफेक्ट्स होते हैं। लेकिन आयुर्वेद में एक ऐसी चमत्कारी जड़ी-बूटी का उल्लेख है, जिसे सभी रोगों को दूर करने वाला माना गया है। इस गुणकारी पौधे का नाम है नेगड़े (Negde), जिसे आमतौर पर निर्गुंडी (Nirgundi) या संभाली के नाम से भी जाना जाता है।

ऋषियों-मुनियों के अनुसार, नेगड़े में एंटी-इन्फ्लेमेटरी (सूजनरोधी) और एनाल्जेसिक (दर्द निवारक) गुण कूट-कूट कर भरे होते हैं, जो शरीर में बढ़े हुए वात और कफ दोष को संतुलित करने का काम करते हैं।

आइए जानते हैं हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक नेगड़े की पत्तियां और तेल हमारी सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद हैं:

1. जोड़ों का दर्द और गठिया (Arthritis Relief)

बढ़ती उम्र में घुटनों का दर्द और साइटिका की समस्या सबसे ज्यादा परेशान करती है। नेगड़े की पत्तियों में मौजूद अल्कलॉइड्स जोड़ों की अकड़न और दर्द को तेजी से कम करते हैं। इसके पत्तों का काढ़ा बनाकर प्रभावित जगह की सिकाई करने या इसके तेल से मालिश करने पर पुराने से पुराने जोड़ों के दर्द में जादुई आराम मिलता है।

2. मोच और अंदरूनी सूजन को करे छूमंतर

दौड़-भाग या अचानक पैर मुड़ जाने से आने वाली मोच और सूजन के लिए नेगड़े का लेप सबसे सुरक्षित घरेलू उपाय है। इसके ताजे पत्तों को पीसकर हल्का गर्म कर लें और सूजन वाली जगह पर बांधें। इसके एंटी-बैक्टीरियल गुण अंदरूनी डैमेज को ठीक कर सूजन को तुरंत खत्म करते हैं।

3. अस्थमा और पुरानी खांसी में असरदार

सर्दियों या मौसम बदलने के दौरान जिन लोगों को सांस लेने में तकलीफ होती है, उनके लिए नेगड़े की पत्तियां फेफड़ों को साफ करने का काम करती हैं। इसके पत्तों की भाप (Steam) लेने से बंद नाक खुलती है और छाती में जमा गाढ़ा कफ आसानी से बाहर निकल जाता है, जिससे अस्थमा रोगियों को बहुत राहत मिलती है।

4. घाव और त्वचा के संक्रमण को रोके

नेगड़े की पत्तियों में प्राकृतिक एंटी-सेप्टिक गुण पाए जाते हैं। किसी भी तरह के पुराने घाव या फंगल इन्फेक्शन को ठीक करने के लिए इसके पत्तों के रस का इस्तेमाल किया जाता है। यह त्वचा पर हानिकारक बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता और त्वचा की खुजली व दानों को साफ करता है।

5. सिरदर्द और माइग्रेन से तुरंत मुक्ति

अगर आप अक्सर आधे सिर के दर्द (Migraine) या मानसिक तनाव से परेशान रहते हैं, तो नेगड़े के पत्तों का पेस्ट बनाकर माथे पर लगाएं। इसकी कूलिंग प्रॉपर्टीज नसों को आराम देती हैं और मिनटों में सिर का भारीपन गायब कर देती हैं।

इस्तेमाल के दौरान बरतें ये सावधानियां:

नेगड़े की तासीर काफी गर्म होती है। इसलिए इसका आंतरिक सेवन (काढ़ा या जूस के रूप में) हमेशा सीमित मात्रा में करना चाहिए। गर्भवती महिलाओं और छोटे बच्चों को डॉक्टर की सलाह के बिना इसका सेवन नहीं करना चाहिए। त्वचा या जोड़ों पर इसका तेल या लेप बाहरी रूप से लगाना पूरी तरह सुरक्षित है।

(Disclaimer): इस खबर में दी गई जानकारी सामान्य औषधीय ज्ञान और आयुर्वेदिक मान्यताओं पर आधारित है। NTV TIME इसकी पुष्टि नहीं करता है और यह किसी भी तरह से योग्य डॉक्टर या चिकित्सा विशेषज्ञ की सलाह का विकल्प नहीं है। किसी भी घरेलू नुस्खे, जड़ी-बूटी या तेल का उपयोग करने से पहले हमेशा अपने डॉक्टर या किसी योग्य आयुर्वेदिक चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें। किसी भी तरह के नुकसान के लिए संस्थान जिम्मेदार नहीं होगा।

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