Wednesday, September 16, 2026

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खाद्य तेल के पैकेट साइज पर सरकार का बड़ा फैसला, नियम लागू होने के बाद भी बाजार में बिक रहे 800 और 900 ML के पैकेट्स

कागजों पर खत्म हुआ तेल के पैकेट में ‘छिपी महंगाई’ का खेल, लेकिन बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहे हैं 800 और 900 ML के पैकेट!

भोपाल/नई दिल्ली, 16 सितम्बर 2026:
केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए 1 सितंबर 2026 से देश भर में खाद्य तेल (सरसों, सोयाबीन, रिफाइंड) के लिए केवल 9 स्टैंडर्ड साइज (जैसे 1 लीटर, 2 लीटर, 5 लीटर) के पैकेट बेचना अनिवार्य कर दिया था। नियम के मुताबिक 800ml, 850ml और 900ml जैसे भ्रमित करने वाले पैकेट्स पर पूरी तरह प्रतिबंध लग चुका है।

लेकिन नियम लागू होने के दो हफ्ते बाद भी जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। मध्य प्रदेश सहित देश के कई किराना बाजारों और सुपरमार्केट्स में आज भी 800 और 900 ML/Grams वाले पैकेट्स धड़ल्ले से बिक रहे हैं। ‘श्रिंकफ्लेशन’ (Shrinkflation) का यह खेल रोकने के सरकारी दावों की जमीन पर हवा निकलती दिखाई दे रही है।

बाजारों में क्यों मिल रहे हैं पुराने पैकेट?

जब जमीनी स्तर पर स्थानीय दुकानदारों और व्यापारिक संगठनों से बात की गई, तो इस ढर्रे के पीछे दो मुख्य कारण सामने आए:

  1. पुराने स्टॉक का बहाना: हालांकि सरकार ने जून में आदेश जारी कर कंपनियों को 3 महीने का ‘ट्रांजिशन पीरियड’ (बदलाव का समय) दिया था, लेकिन डीलरों और थोक व्यापारियों का दावा है कि उनके पास पहले से ही भारी मात्रा में 900ml और 800ml के पैकेट का स्टॉक बचा हुआ है। वे इसे खपाने में लगे हैं।
  2. सस्ता दिखने की होड़: 1 लीटर का असली पैकेट महंगा दिखता है, जबकि 900ml या 800ml का पैकेट 15 से 20 रुपये सस्ता नजर आता है। कंपनियां और दुकानदार इसी मनोवैज्ञानिक खेल का फायदा उठाकर ग्राहकों को अब भी गुमराह कर रहे हैं।

क्या कहता है कानून और कितनी मिलेगी सजा?

लीगल मेट्रोलॉजी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, 1 सितंबर के बाद से किसी भी गैर-मानक (Non-Standard) साइज के पैकेट का निर्माण या पैकिंग पूरी तरह गैर-कानूनी है।

  • यदि कोई कंपनी या डीलर जानबूझकर प्रतिबंधित साइज (800, 850, 900 ml) के नए पैकेट बाजार में सप्लाई करता पाया जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना और सामान जब्त करने की सख्त कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।
  • विभाग का कहना है कि वे जल्द ही बाजारों में औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) कर पुराने स्टॉक की आड़ में चल रहे इस अवैध खेल पर नकेल कसेंगे।

ग्राहकों के लिए अलर्ट: कैसे बचें इस धोखे से?

सरकार ने नियम तो बना दिया है, लेकिन इसका पूरा फायदा तभी मिलेगा जब ग्राहक खुद जागरूक होंगे। तेल खरीदते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  • पैकेट के फ्रंट और बैक पर लिखे नेट वॉल्यूम (Net Volume) को ध्यान से देखें। सुनिश्चित करें कि वह पूरा 1 लीटर (1000 ml) या 500 ml का ही हो।
  • अगर कोई दुकानदार आपको 900 ml का पैकेट 1 लीटर की बात कहकर या बिना बताए बेचता है, तो आप तुरंत उपभोक्ता फोरम (Consumer Court) या राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन पर इसकी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

जब तक प्रशासन कड़ाई से इन जमाखोरों और कंपनियों पर एक्शन नहीं लेता, तब तक कागजी नियम के बावजूद आम जनता की जेब ऐसे ही ढीली होती रहेगी।


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