Tuesday, October 13, 2026

TOP NEWS

वोट चोरी’ मामले में...

'वोट चोरी' के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे विपक्षी गठबंधन (INDIA Bloc) को झटका. SC रजिस्ट्री ने राहुल गांधी और खड़गे की संयुक्त याचिका में निकालीं 14 तकनीकी खामियां, ₹220 कोर्ट फीस भी पाई गई कम. पूरी रिपोर्ट पढ़ें.

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय...

इंदौर में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 500 गरबा आयोजकों को लव जिहाद के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाने, भजनों पर गरबा करने और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। पढ़ें पूरी खबर...

हरियाणा ने जनगणना 2027...

एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को छूटे हुए लोगों और दोहरी गणना...

Indore Jio-bp Petrol Diesel...

इंदौर में जियो-बीपी (Jio-bp) पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस बढ़ोतरी से ग्राहकों में भारी नाराजगी है। जानें पूरी खबर...
Homeविदेशनेपाल की भोटेकोशी नदी में क्यों आई अचानक बाढ़? मानसून नहीं, तिब्बत...

नेपाल की भोटेकोशी नदी में क्यों आई अचानक बाढ़? मानसून नहीं, तिब्बत में हिमस्खलन बना तबाही की वजह

हिमालय में कुदरत का कहर: तिब्बत में हिमस्खलन से भोटेकोशी नदी में भीषण बाढ़, भारी तबाही और तराई तक अलर्ट
नेपाल के रसुवा जिले से सटी तिब्बत सीमा पर भोटेकोशी नदी में आई अचानक और भीषण बाढ़ (Flash Flood) ने भारी तबाही मचाई है। उफनती नदी के तेज बहाव में कई बस्तियों, सड़कों और बुनियादी ढाँचों को गंभीर नुकसान पहुँचा है।
आमतौर पर नेपाल में मानसूनी बारिश के कारण नदियाँ उफान पर आती हैं, लेकिन इस बार का सैलाब किसी मानसूनी बारिश का नतीजा नहीं, बल्कि हिमालय की ऊँचाइयों पर हुई एक बड़ी प्राकृतिक और भू-गर्भीय हलचल का परिणाम है।
बाढ़ का मुख्य कारण: बारिश नहीं, पहाड़ का टूटना
नेपाल मौसम विभाग और भू-वैज्ञानिकों के अनुसार, यह हादसा बारिश के कारण नहीं बल्कि तिब्बत के उच्च हिमालयी क्षेत्र में हुई उथल-पुथल से हुआ है:
रॉक-आइस एवलांच (हिमस्खलन): तिब्बत सीमा के पास ऊंचे पहाड़ों से बर्फ और चट्टानों का एक बहुत विशाल हिस्सा अचानक टूटकर गिर गया।
नदी का रास्ता रुकना और सैलाब बनना: भारी मात्रा में गिरे मलबे और बर्फ ने ल्हेन्दे नदी के प्राकृतिक बहाव को पूरी तरह रोक दिया। कुछ ही समय में जब पानी का दबाव अत्यधिक बढ़ा, तो यह मलबा अचानक टूट गया।
भोटेकोशी में तबाही: मलबे के टूटने से लाखों टन पानी, कीचड़ और भारी पत्थर बेहद तेज गति से नीचे नेपाल की भोटेकोशी नदी में आ गिरे, जिससे नदी में अचानक कई मीटर ऊंची बाढ़ की लहरें उठने लगीं।
भूकंपीय झटका: शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, तिब्बत के सीमावर्ती क्षेत्र में महसूस किए गए हल्के भू-गर्भीय झटके के कारण कमजोर चट्टानें और बर्फ अपनी जगह से खिसकीं।
जमीनी नुकसान और मौजूदा हालात
बस्तियाँ और पुल क्षतिग्रस्त: नेपाल-चीन व्यापारिक मार्ग को जोड़ने वाले बुनियादी ढाँचे, सीमावर्ती बाजार (जैसे टिमुरे और स्याफ्रुबेसी) और कई संपर्क पुल बाढ़ के मलबे की चपेट में आ गए हैं।
हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट पर असर: भोटेकोशी नदी घाटी में स्थित जलविद्युत परियोजनाओं को नुकसान पहुँचा है, जिससे क्षेत्र में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई है।
यातायात ठप: पहाड़ी रास्तों पर मलबा जमा होने और सड़कों के बह जाने से रसुवागढ़ी राजमार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो चुकी है।
बचाव अभियान और निचले इलाकों में चेतावनी
नेपाली सेना, सशस्त्र पुलिस बल (APF) और स्थानीय प्रशासन की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। भोटेकोशी का पानी आगे चलकर त्रिशूली और नारायणी (गंडक) नदी में मिल रहा है, जिसके चलते नेपाल के तराई क्षेत्रों और भारत के बिहार सीमा से सटे जिलों में भी सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments