Wednesday, October 7, 2026

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बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: देश में ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ नियम का ट्रायल शुरू

बिना इंश्योरेंस नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल: देश में ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ नियम का ट्रायल शुरू

नई दिल्ली / इंदौर: देश की सड़कों पर बिना वैध बीमा (Insurance) के दौड़ रहे वाहनों पर नकेल कसने के लिए सरकार एक बेहद सख्त कदम उठाने जा रही है। अब यदि आपके वाहन का इंश्योरेंस खत्म हो चुका है, तो आपको पेट्रोल पंप पर ईंधन (पेट्रोल या डीजल) नहीं मिलेगा। इस नए नियम को ‘नो इंश्योरेंस, नो फ्यूल’ (No Insurance, No Fuel) नाम दिया गया है, जिसका ट्रायल जल्द ही शुरू होने जा रहा है।

इस व्यवस्था को पूरी तरह ऑटोमैटिक और डिजिटल बनाया गया है, ताकि पंप कर्मियों और वाहन चालकों के बीच किसी भी तरह के विवाद की स्थिति न बने।

पेट्रोल पंप पर कैमरे करेंगे नंबर प्लेट स्कैन

इस तकनीक के तहत देश के पेट्रोल पंपों पर विशेष हाई-टेक कैमरे लगाए जा रहे हैं।

  1. ऑटोमैटिक स्कैनिंग: जैसे ही कोई वाहन ईंधन भरवाने के लिए पेट्रोल पंप पर एंट्री करेगा, वहां लगे कैमरे तुरंत उसकी नंबर प्लेट को स्कैन कर लेंगे।
  2. सॉफ्टवेयर मैपिंग: नंबर प्लेट डिटेक्ट होते ही सिस्टम उसे केंद्रीय वाहन पोर्टल (वाहान डेटाबेस) से कनेक्ट करेगा।
  3. तुरंत वेरिफिकेशन: कुछ ही सेकेंड्स के भीतर सॉफ्टवेयर यह चेक कर लेगा कि उस गाड़ी का थर्ड-पार्टी या कंवेंशनल इंश्योरेंस चालू है या एक्सपायर हो चुका है।
  4. फ्यूल डिस्पेंसिंग ब्लॉक: यदि वाहन का बीमा वैध नहीं पाया जाता है, तो पेट्रोल पंप की मशीन (डिस्पेंसिंग यूनिट) ऑटोमैटिक लॉक हो जाएगी और गाड़ी में तेल नहीं भरा जा सकेगा।

क्यों पड़ी इस कड़े नियम की जरूरत?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में सड़कों पर चलने वाले लगभग 30 से 40 फीसदी वाहनों का इंश्योरेंस फेल है, जिनमें सबसे बड़ी संख्या दोपहिया वाहनों की है। सड़क दुर्घटना होने की स्थिति में बिना इंश्योरेंस वाले वाहनों के कारण पीड़ितों को उचित मुआवजा मिलने में भारी परेशानी होती है। इसी समस्या को खत्म करने और शत-प्रतिशत वाहनों का बीमा सुनिश्चित करने के लिए यह डिजिटल बैरिकेडिंग तैयार की जा रही है।

पहले चरण में यहां होगा ट्रायल

शुरुआती चरण में इस व्यवस्था को देश के कुछ चुनिंदा महानगरों और बड़े शहरों के चुनिंदा पेट्रोल पंपों पर पायलट प्रोजेक्ट (ट्रायल) के तौर पर शुरू किया जा रहा है। ट्रायल के दौरान सिस्टम की तकनीकी कमियों और डेटा रिफ्रेश होने की स्पीड को परखा जाएगा। इस ट्रायल की सफलता के बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में अनिवार्य कर दिया जाएगा।

वाहन मालिकों को सलाह दी जा रही है कि वे समय रहते अपने वाहनों के बीमा दस्तावेजों की जांच कर लें और एक्सपायरी से पहले ही उसे रिन्यू करा लें, ताकि भविष्य में पेट्रोल पंपों पर परेशानी का सामना न करना पड़े।

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