पनामा में आए एक बेहद शक्तिशाली भूकंप ने भीषण तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 7.6 मापी गई है। इस भयानक प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 400 से अधिक इमारतों को भारी नुकसान पहुंचा है। भूकंप के बाद भी धरती का कांपना थमा नहीं है और पिछले 18 घंटों के भीतर 100 से अधिक आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद के झटके) दर्ज किए जा चुके हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए 9 देशों में सुनामी की चेतावनी (Tsunami Warning) जारी कर दी गई है।
तबाही का मंजर और इमारतों को नुकसान
भूकंप इतना तेज था कि झटके महसूस होते ही लोग जान बचाने के लिए अपने घरों और दफ्तरों से बाहर की तरफ भागे। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, देश भर में करीब 400 से ज्यादा इमारतें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई रिहायशी मकानों और व्यावसायिक इमारतों में बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं, जबकि कुछ पुरानी इमारतें पूरी तरह ढह गई हैं। सड़कों और बिजली के बुनियादी ढांचे को भी भारी नुकसान पहुंचा है, जिससे कई इलाकों में ब्लैकआउट (बिजली गुल) की स्थिति बन गई है।
18 घंटे में 100 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स से दहशत
मुख्य भूकंप के बाद भी पनामा की धरती लगातार डोल रही है। पिछले 18 घंटों में 100 से ज्यादा छोटे-बड़े भूकंप के झटके (आफ्टरशॉक्स) आ चुके हैं। बार-बार आ रहे इन झटकों की वजह से स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से लोगों को फिलहाल जर्जर हो चुकी इमारतों के अंदर न जाने की सख्त सलाह दी है। राहत और बचाव दल (Rescue Teams) मलबे में फंसे लोगों को निकालने और प्रभावितों तक मदद पहुंचाने में जुटे हैं।
9 देशों में सुनामी की चेतावनी जारी
इस शक्तिशाली भूकंप का केंद्र समुद्र के करीब होने के कारण प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में सुनामी का खतरा मंडराने लगा है। भूकंप विज्ञानियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने पनामा सहित आसपास के 9 तटीय देशों में सुनामी का हाई अलर्ट जारी किया है। तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित और ऊंचाई वाले स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। समुद्र की लहरों पर लगातार नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटा जा सके।
प्रशासन की तैयारी और बचाव कार्य
पनामा सरकार ने देश में आपातकाल जैसी स्थिति को देखते हुए रेड क्रॉस और राष्ट्रीय सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा है। प्रभावित क्षेत्रों में अस्थाई राहत शिविर (Relief Camps) बनाए जा रहे हैं। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया जा रहा है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक चेतावनियों का पालन करें।


