पन्ना (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के देवेंद्रनगर में पुलिस का एक कड़ा और हैरान करने वाला एक्शन देखने को मिला है। पुलिस ने मारपीट और हत्या के प्रयास (धारा 307) के आरोपी अमित जैन को गिरफ्तार कर देवेंद्रनगर के मुख्य बाजार में उसका जुलूस निकाला। खास बात यह रही कि पुलिस आरोपी अमित जैन को हाफ पैंट में ही थाने से कोर्ट तक कॉलर पकड़कर पैदल घसीटते हुए ले गई। आरोपी अमित जैन भाजपा की स्थानीय वरिष्ठ नेत्री अमिता बागरी का पति है।
क्या है पूरा मामला?
करीब एक महीना पहले देवेंद्रनगर के सरकारी अस्पताल के सामने जमीन विवाद को लेकर एक जनरल स्टोर के अंदर घुसकर मारपीट की गई थी। आरोप है कि अमित जैन ने दुकान में बैठे भाइयों पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला किया था, जिसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया था। घटना के बाद से ही आरोपी अमित जैन फरार चल रहा था। पन्ना पुलिस ने रायसेन जिले के बाड़ी थाना क्षेत्र से घेराबंदी कर अमित जैन को गिरफ्तार किया और उसका सरेआम जुलूस निकालते हुए कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया है।
पत्नी (भाजपा नेत्री) ने विधायक और पुलिस पर साधा निशाना
पति के इस तरह जुलूस निकाले जाने के बाद भाजपा नेत्री अमिता बागरी ने एक वीडियो जारी कर अपनी ही पार्टी के गुन्नौर विधानसभा से भाजपा विधायक राजेश वर्मा और पन्ना पुलिस प्रशासन पर सत्ता के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया है।
अमिता बागरी ने रोते हुए और तीखे लहजे में कहा:
- फर्जी धाराएं लगाने का आरोप: यह मूल रूप से एक पारिवारिक और जमीन से जुड़ा विवाद था, लेकिन विधायक के दबाव में पुलिस ने जानबूझकर इसमें हत्या के प्रयास (धारा 307) जैसी गंभीर धारा जोड़ी है।
- विधायक पर साधा निशाना: उन्होंने आरोप लगाया कि विधायक राजेश वर्मा चुनाव जीतने के बाद से अपने राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बना रहे हैं और खुद देवेंद्रनगर थाने में बैठकर पुलिस पर दबाव बना रहे थे।
- शीर्ष नेतृत्व से नहीं मिली मदद: अमिता ने बताया कि वह पिछले 15 वर्षों से भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता हैं और फिलहाल ‘ब्रेन ट्यूमर’ जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष को भी फोन लगाने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उनका फोन नहीं उठाया।
पुलिस का पक्ष
इस पूरे विवाद और आरोपों पर देवेंद्रनगर थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस पर किसी राजनीतिक दल या नेता का कोई दबाव नहीं था। पुलिस ने पूरी कार्रवाई उच्च न्यायालय के निर्देशों और वैधानिक कानूनी प्रक्रियाओं के तहत निष्पक्षता से की है। आरोपी पर कानून के मुताबिक ही कार्रवाई कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेजा गया है।


