Monday, October 5, 2026

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RBI MPC Meeting 2026: रेपो रेट में 0.25% बढ़ोतरी का अनुमान, होम और कार लोन की EMI बढ़ना तय!

आम जनता की जेब पर एक बार फिर बड़ा बोझ पड़ने के आसार दिखाई दे रहे हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिनों तक चलने वाली महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आज से शुरू हो चुकी है। इस बैठक में अर्थव्यवस्था की स्थिति को देखते हुए नीतिगत दरों पर बड़ा फैसला लिया जाएगा, जिसकी घोषणा बैठक के आखिरी दिन केंद्रीय बैंक के गवर्नर द्वारा की जाएगी।

बाजार विश्लेषकों और प्रमुख अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि खुदरा महंगाई में लगातार हो रहे उछाल और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों को देखते हुए आरबीआई इस बार कड़ा रुख अपना सकता है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक मुख्य नीतिगत दर यानी रेपो रेट में 0.25% (25 बेसिस पॉइंट) तक की बढ़ोतरी कर सकता है। अगर यह फैसला लागू होता है, तो लंबे समय की स्थिरता के बाद ब्याज दरों में यह पहला बड़ा बदलाव होगा।

आम जनता पर पड़ेगा सीधा असर

रेपो रेट में बढ़ोतरी का सीधा और सबसे बड़ा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। दरअसल, रेपो रेट बढ़ने से कमर्शियल बैंकों (जैसे SBI, HDFC, PNB और ICICI) के लिए रिजर्व बैंक से फंड लेना महंगा हो जाता है। जब बैंकों की लागत बढ़ेगी, तो वे इसका बोझ ग्राहकों पर डालेंगे।

इसके चलते आपके मौजूदा होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की मासिक किस्त यानी EMI महंगी हो जाएगी। साथ ही, जो लोग इस त्योहारी सीजन में नया घर या गाड़ी खरीदने के लिए लोन लेने की योजना बना रहे हैं, उन्हें भी अब बैंकों को ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ेगा।

फिक्स्ड डिपॉजिट करने वालों को मिल सकती है राहत

कर्जदारों के लिए भले ही यह खबर चिंताजनक हो, लेकिन बैंकों में पैसा जमा करने वाले आम बचतकर्ताओं और वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) के लिए यह फायदेमंद साबित हो सकती है। रेपो रेट बढ़ने के बाद बैंक अपनी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) की ब्याज दरों में भी बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे जमा राशि पर पहले से बेहतर रिटर्न मिलेगा।

क्यों पड़ रही है दरें बढ़ाने की जरूरत?

देश में खुदरा महंगाई दर लगातार आरबीआई के तय सुरक्षा दायरे से ऊपर बनी हुई है। इसके अलावा वैश्विक तनाव के चलते कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति भी केंद्रीय बैंक पर ब्याज दरें बढ़ाने का दबाव बना रही है। आरबीआई गवर्नर की अध्यक्षता वाली यह 6 सदस्यीय समिति अब बैठक के आखिरी दिन सुबह 10:00 बजे अपने अंतिम निर्णय की घोषणा करेगी।

बिजनेस, देश-दुनिया और मध्य प्रदेश की सभी लाइव अपडेट्स के लिए पढ़ते रहिए NTVTIME।


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