जमुई के बाद अब समस्तीपुर में भी सरेराह लड़की से बदसलूकी, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने 4 आरोपियों को दबोचा
समस्तीपुर: बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा से छेड़खानी का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि समस्तीपुर जिले से भी कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक बेहद शर्मनाक वारदात सामने आई है। सोशल मीडिया पर एक लड़की के साथ सरेराह बदसलूकी और ‘बैड टच’ का 58 सेकंड का वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस प्रशासन तुरंत एक्शन में आया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी 4 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
क्या है पूरी घटना?
यह सनसनीखेज मामला समस्तीपुर जिला मुख्यालय से कुछ ही दूरी पर स्थित कर्पूरीग्राम थाना क्षेत्र के जगतसिंहपुर गांव का है। जानकारी के अनुसार, एक लड़की एक लड़के के साथ बाइक से बूढ़ी गंडक बांध बाईपास रोड पर रुकी हुई थी। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ स्थानीय मनचले युवकों ने उन्हें घेर लिया।
आरोप है कि युवकों ने पहले साथ आए लड़के के साथ मारपीट की, जिससे डरकर वह वहां से चला गया। इसके बाद अकेले पाकर मनचलों ने लड़की का हाथ मरोड़ा, उसके साथ गाली-गलौज, अभद्र व्यवहार और बैड टच किया। लड़की लगातार इस घिनौनी हरकत का विरोध करती रही और उनसे मिन्नतें करती रही, लेकिन आरोपियों ने उसकी एक न सुनी। इस पूरी घटना का वहां मौजूद किसी शख्स ने वीडियो बना लिया, जो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो गया।
वीडियो सामने आते ही पुलिस का त्वरित एक्शन
वीडियो के संज्ञान में आते ही समस्तीपुर के एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच और आरोपियों की धरपकड़ के आदेश दिए।
प्रभारी सदर डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की और चारों आरोपियों को उनके घरों से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से दो की पहचान स्थानीय निवासी विकास कुमार शर्मा (जिस पर पहले से शराब के कई मामले दर्ज हैं) और राहुल कुमार के रूप में हुई है। पुलिस बाकी आरोपियों से भी कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
महिला सुरक्षा पर गहराता आक्रोश
बिहार में जमुई की घटना के ठीक बाद समस्तीपुर में इस तरह सरेराह हुई बदसलूकी ने राज्य में महिला और नाबालिग सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिहार राज्य महिला आयोग ने भी इन मामलों का स्वतः संज्ञान लिया है। स्थानीय लोगों और सामाजिक संगठनों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, और वे आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल चलाकर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) व अन्य सख्त धाराओं के तहत कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं।


