मिडिल ईस्ट में बढ़ा भारी तनाव: सऊदी अरब के एयरपोर्ट और तेल ठिकानों पर भीषण हमला, एक भारतीय समेत 3 की मौत; अमेरिका ने उठाए बड़े कदम
खाड़ी क्षेत्र (मिडिल ईस्ट) में सुरक्षा हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के प्रमुख नागरिक हवाई अड्डे और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं। इस ताजा और भीषण सैन्य हमले में एक भारतीय नागरिक सहित कुल तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 10 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। क्षेत्र में लगातार खराब होते हालातों को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने तुरंत एक्शन लिया है और सऊदी अरब से अपने गैर-जरूरी राजनयिकों (डिप्लोमैट्स) व उनके परिवारों को वापस बुलाने का आदेश जारी कर दिया है।
अरामको तेल ठिकाने और दम्माम हवाई अड्डे पर मची तबाही
सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से मिली जानकारी के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने देश के पूर्वी प्रांत में स्थित दुनिया की सबसे बड़ी तेल कंपनियों में से एक, सऊदी अरामको के ‘शायबाह’ ऑयल फील्ड पर ड्रोन से हमला किया। इस तेल ठिकाने पर हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई। इसके कुछ ही समय बाद दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया, जहां जोरदार धमाके के साथ मिसाइल या ड्रोन गिरने से हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुंचा और वहां भी एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि 8 लोग घायल हो गए। इस तरह अलग-अलग हमलों में कुल 3 लोगों की मौत और 10 लोग हताहत हुए हैं। सऊदी अधिकारियों के मुताबिक, किंग फहद एयरपोर्ट पर मारे गए लोगों में एक भारतीय नागरिक भी शामिल है, जिसकी पुष्टि भारतीय दूतावास ने भी की है।
सुरक्षा को लेकर अमेरिका का बड़ा फैसला
सऊदी अरब के प्रमुख शहरों और हवाई अड्डों पर लगभग रोजाना हो रहे इन मिसाइल हमलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। सबसे बड़ा कदम उठाते हुए अमेरिकी सरकार ने रियाद स्थित अपने दूतावास और अन्य वाणिज्य दूतावासों से अमेरिकी अधिकारियों व उनके परिजनों को तुरंत देश छोड़ने का निर्देश दिया है। अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया है।
उड़ानों पर लगा ब्रेक और बिजनेस समिट टला
हूतियों के इस अप्रत्याशित हवाई हमले के कारण सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। एयर इंडिया, इंडिगो और एयर फ्रांस सहित दुनिया की कई प्रमुख एयरलाइंस ने सऊदी अरब (खासकर रियाद और दम्माम) के लिए अपनी उड़ानें अस्थाई रूप से निलंबित कर दी हैं। लगातार पैदा हो रहे इस खतरे की वजह से सऊदी अरब प्रशासन को वैश्विक मंच पर होने वाले अपने सबसे बड़े व्यापारिक सम्मेलन ‘फ्यूचर इन्वेस्टमेंट इनिशिएटिव’ (FII) को भी स्थगित करने के लिए मजबूर होना पड़ा है। फिलहाल सऊदी सुरक्षा बल और उनके सहयोगी संगठन हूतियों के इन हमलों का जवाब देने के लिए हाई अलर्ट पर हैं।


