भारतीय रेलवे ने माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) के क्षेत्र में आज एक नया इतिहास रच दिया है। देश की पहली सेमी-हाई स्पीड मालगाड़ी, ‘वंदे भारत कार्गो ट्रेन’ (Vande Bharat Freight Train) का राजस्थान के कोटा डिविजन में बेहद सफल स्पीड ट्रायल किया गया। इस परीक्षण के दौरान ट्रेन ने पटरियों पर 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को छूकर अपनी ताकत और गति का लोहा मनवाया।
यह ट्रायल पश्चिम मध्य रेलवे (WCR) के कोटा मंडल के अंतर्गत आने वाले रुठियाया-घटमौली रेल खंड के बीच आयोजित किया गया। रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों की निगरानी में हुए इस टेस्ट का मुख्य उद्देश्य तेज गति पर ट्रेन के संतुलन, ब्रेकिंग सिस्टम और सुरक्षा मानकों को परखना था, जिसमें यह पूरी तरह खरी उतरी।
क्यों खास है वंदे भारत कार्गो ट्रेन?
कम समय में डिलीवरी: सुपरफास्ट गति होने के कारण यह मालगाड़ी बड़े शहरों के बीच डिलीवरी के समय को लगभग आधा कर देगी।
विशेष डिजाइन: इसे ई-कॉमर्स पार्सल, कूरियर कंटेनर और जल्द खराब होने वाले सामान (जैसे फल, सब्जियां और डेयरी उत्पाद) को सुरक्षित और तेजी से भेजने के लिए विशेष रूप से डिजाइन किया गया है।
अत्याधुनिक सुविधाएं: ट्रेन में ऑटोमैटिक स्लाइडिंग दरवाजे, मजबूत लॉकिंग सिस्टम और तापमान को नियंत्रित रखने के लिए रेफ्रिजरेटेड कोच की सुविधा दी गई है।
व्यापार जगत को मिलेगा बड़ा बूस्ट
रेलवे के इस कदम से देश के लॉजिस्टिक्स सेक्टर में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है। अभी तक जहां वंदे भारत एक्सप्रेस ने यात्रियों के सफर को सुगम और तेज बनाया है, वहीं अब इसका कार्गो वर्जन व्यापारियों और ई-कॉमर्स कंपनियों के लिए वरदान साबित होगा। कम समय में माल पहुंचने से न सिर्फ लागत में कमी आएगी बल्कि व्यापार की रफ्तार भी दोगुनी हो जाएगी।
जल्द ही इस कार्गो सेवा को देश के मुख्य व्यावसायिक रूटों (जैसे दिल्ली-मुंबई और दिल्ली-कोलकाता) पर नियमित रूप से शुरू करने की योजना है।


