विश्व पर्यटन मांडू नगरी में मांडू में तेजा दशमी उत्सव बड़ी धूमधाम से मनाया गया
राहुल सेन मांडव
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मांडू न्यूज/वर्षों चली आ रही परम्परा से मांडू में तेजा दशमी उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है तेजा दशमी पर्व की शुरुआत मांडू में स्वर्गीय भगवंती बाई वर्मा ने की थी जो कि यहां पर्व आज भी मांडू में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है भक्त गन मांडू के तेजाजी थानक पर निशान चढ़ाते हैं व इस त्यौहार को बड़े धूमधाम से मनाते हैं।
मांडू में रविदास समाज के द्वारा नवमी के दिन राती जगा होता है और भजन कीर्तन पूरी रात होता है दशमी के दिन रविदास समाज तेजा दशमी के दिन निशान ले जाकर तेजाजी मंदिर पर निशान चढ़ाते है ।
वैसे तो वीर तेजाजी महाराज राजस्थान के एक महान योद्धा, समाज सुधारक, गौ रक्षक, सत्य वचन पर आधारित एक लोक देवता है और भगवान शिव का 11वां अवतार माना जाता है। इनका जन्म 1074 ईस्वी नागौर जिले के खरनाल गांव में हुआ था। इनकी घोड़ी का नाम लीलन था।
आज भी कोई सांप काट लेता है तो उनके नाम से धागे व बंधन बांधा जाता है तो जहर पूरी तरह से उतर जाता है इनकी यही मान्यता है, इसीलिए वीर तेजाजी दशमी बड़े धूमधाम से मनाई जाती है।
वीर तेजाजी महाराज मुख्य रूप से जाट समाज धोलिया गोत्र से आते हैं और इन्हें जाट समाज का आराध्य देव माना जाता है
तेजा दशमी पर हर समाज के वर्ग के लोग तेजाजी महाराज की पूजा अर्चना करते हैं वह तेजा जी महाराज के मंदिरों पर जाकर तेजा दशमी के दिन निशान चढ़ाते हैं वह अपनी मनोकामना मांगते हैं भाई तेजाजी महाराज उनकी सारी मनोकामना पूर्ण करते हैं
सत्य वचन, एक बार तेजाजी महाराज दुश्मनों से गाय को बचाने के लिए जा रहे थे, तब उन्हें जलता नाग दिखाई दिया था तब वीर तेजाजी ने अपने भाले से उस नाग को बचाया था तब मुक्ति के लिए नाग जल रहा था उसकी मुक्ति भंग होने के कारण वीर तेजाजी को कहा कि मैं तुझे डसूंगा, वीर तेजाजी ने कहा कि मैं गाय को बचा लूं तब मुझे डस लेना अपने सत्य वचन को देकर उस गाय को बचाया और फिर वीर तेजाजी महाराज नाग के पास आए और कहा कि अब मैं आपके पास आ गया हूं अब मुझे आप काट लीजिए वीर तेजाजी महाराज का पूरा शरीर लाहु लुहान हो गया था, प्राण जाए पर वचन न जाए इसी कारण से वीर तेजाजी महाराज की जीभ पर नाग देवता ने कांटा फिर नाग देवता ने तेजाजी महाराज से कहा कि धन्य वो माता है जो कि तेरे जैसे पुत्र को जन्म दिया।
नाग देवता ने तेजाजी महाराज को वचन दिया की जो भी जहरीला सांप काटेगा तेरे नाम से बंधन बांध ले उसकी मृत्यु कभी नहीं होगी।
और आज भी यह सत्य कथा प्रचलित है।
मांडू के आश पास के गांव पनाला गांव नालछा में वीर तेजा दशमी पर मेला लगता है हजारों लाखों की संख्या में श्रद्धालु वीर तेजाजी महाराज के मंदिर में जाकर के अपनी मन्नतें पूरी करते हैं। इस कार्यक्रम में शामिल मांडू ओर आस पास के नगर वासी उपस्थित रहे हैं और मेले में शामिल होते हैं


