Wednesday, September 9, 2026

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Zodiac Killer Story: सुनसान रास्तों पर प्रेमियों का शिकार करने वाला वो नकाबपोश कातिल, जिसकी खूनी पहेलियां आज भी हैं अनसुलझी

द जोडिएक किलर — इतिहास का सबसे खूंखार और शातिर ‘साया’, जिसने कानून की धज्जियां उड़ा दीं

— अपराध की दुनिया में कई ऐसे अपराधी आए जिन्होंने खौफ फैलाया, लेकिन आज हम जिस कातिल की बात कर रहे हैं, वह कोई आम अपराधी नहीं था। वह एक ऐसा ‘साइकोपैथ’ था जो हत्याएं करने के बाद पुलिस को फोन करके खुद बताता था कि उसने मर्डर कर दिया है। वह पुलिस और खुफिया एजेंसियों को खुली चुनौती देता था और देश के बड़े अखबारों के संपादकों को खत लिखकर उन्हें ब्लैकमेल करता था।

हम बात कर रहे हैं द जोडिएक किलर‘ (The Zodiac Killer) की, जिसका आतंक 1960 और 1970 के दशक में अमेरिका के उत्तरी कैलिफोर्निया में इस कदर था कि पुलिस महकमा आज भी उसके नाम से कांप उठता है। अमेरिकी खुफिया एजेंसी FBI और कैलिफोर्निया पुलिस के 55 से ज्यादा सालों की जांच के बाद भी आज तक यह पता नहीं चल सका है कि आखिर इस मुखौटे के पीछे असली चेहरा किसका था।

खूनी खेल की शुरुआत: कैसे शुरू हुआ मौत का तांडव?

जोडिएक किलर का शिकार करने का तरीका बेहद क्रूर और सोची-समझी साजिश का हिस्सा होता था। उसके निशाने पर ज्यादातर वो युवा जोड़े (Young Couples) होते थे जो किसी सुनसान सड़क पर या ‘लवर्स लेन’ (Lover’s Lane) जैसी एकांत जगहों पर अपनी गाड़ियों में बैठे होते थे।

दिसंबर 1968 में लेक हरमन रोड पर 17 साल के डेविड फराडे और 16 साल की बेट्टी लो जेन्सेन को उनकी गाड़ी के पास बेरहमी से गोलियों से भून दिया गया। यह जोडिएक का पहला आधिकारिक हमला था। इसके बाद जुलाई 1969 में ब्लू रॉक स्प्रिंग्स में कातिल ने एक और गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस हमले में 22 साल की डार्लीन फेरिन की मौत हो गई, लेकिन उनका दोस्त माइकल मैगो 4 गोलियां लगने के बाद भी चमत्कारिक रूप से जिंदा बच गया। माइकल ही वह पहला शख्स था जिसने पुलिस को कातिल का धुंधला सा हुलिया बताया।

इस मर्डर के ठीक 40 मिनट बाद, वैलेजो (Vallejo) पुलिस स्टेशन की घंटी बजी। फोन के दूसरी तरफ एक भारी और शांत आवाज थी: “मैं एक मर्डर की रिपोर्ट करना चाहता हूं… और हां, पिछले साल वाले बच्चों को भी मैंने ही मारा था।”

मीडिया को ब्लैकमेल और ‘क्रॉसहेयर सिंबल’ की दहशत

कातिल सिर्फ मर्डर करके नहीं रुकता था, उसे ‘पब्लिसिटी’ चाहिए थी। 1 अगस्त 1969 को उसने सैन फ्रांसिस्को क्रॉनिकल समेत तीन बड़े अखबारों को तीन चिट्ठियां भेजीं। इन चिट्ठियों में उसने कुछ ऐसे सीक्रेट्स बताए जो सिर्फ पुलिस और कातिल को पता हो सकते थे। हर चिट्ठी के साथ एक पहेली (Cryptogram या Cipher) का एक हिस्सा था।

उसका खत हमेशा एक ही लाइन से शुरू होता था—“This is the Zodiac speaking” (मैं जोडिएक बोल रहा हूँ), और नीचे उसका सिग्नेचर होता था—एक सर्कल जिसके बीच में एक क्रॉस (Crosshairs/निशाने का सिंबल)

उसने अखबारों को धमकी दी: “अगर इस कोड को शुक्रवार की दोपहर तक फ्रंट पेज पर नहीं छापा गया, तो मैं पूरे वीकेंड शहर में घूम-घूमकर अकेले लोगों को मार डालूंगा। मैं तब तक मारता रहूंगा जब तक कि 12 लोग लाशों में तब्दील न हो जाएं।”

रहस्यमयी कोड्स (Ciphers) जिन्होंने सबको चकरा दिया

जोडिएक ने पुलिस को कुल 4 कोड्स भेजे थे, जिनमें से दो आज भी अनसुलझे हैं।

पहला कोड Z-408 Cipher था, जिसे एक स्कूल टीचर और उसकी पत्नी ने एक हफ्ते के भीतर ही सुलझा लिया था। इसमें कातिल ने लिखा था— “मुझे लोगों को मारने में बड़ा मजा आता है क्योंकि यह जंगलों में जानवरों के शिकार से ज्यादा मजेदार है…”

दूसरा कोड Z-340 Cipher था, जो उसका सबसे खतरनाक कोड माना गया। पुलिस, सेना और बड़े-बड़े गणितज्ञ इसे सुलझाने में फेल हो गए। आखिरकार, दिसंबर 2020 में तीन प्राइवेट कोडब्रेकर्स (अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और बेल्जियम के एक्सपर्ट्स) ने एक स्पेशल सॉफ्टवेयर की मदद से इसे डिकोड किया। इस कोड में कातिल ने लिखा था कि वह पुलिस के हाथों नहीं आएगा और मौत के बाद ‘जन्नत’ (Paradice) जाएगा।

वेश बदलकर हमला: लेक बेरीएसा की खौफनाक दास्तान

सितंबर 1969 में जोडिएक ने अपनी क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। कैलिफोर्निया की ‘लेक बेरीएसा’ (Lake Berryessa) के किनारे पिकनिक मना रहे ब्रायन हर्टनेल और सीसिलिया शेфर्ड के सामने एक अजीबोगरीब नकाबपोश शख्स आया। उसने काले रंग का एक हुड (जल्लाद जैसा मुखौटा) पहना हुआ था, जिस पर जोडिएक का वही ‘क्रॉसहेयर’ सिंबल बना था।

उसने दोनों को बांधा और चाकू से उन पर 10 से 12 इंच लंबे खंजर से ताबड़तोड़ वार किए। सीसिलिया की मौत हो गई, लेकिन ब्रायन हर्टनेल पीठ में कई वार झेलने के बाद भी बच गया। कातिल ने जाने से पहले उनकी कार के दरवाजे पर चाकू से अपने पिछले मर्डर्स की तारीखें और अपना सिंबल लिख दिया था।

इसके बाद अक्टूबर 1969 में उसने सैन फ्रांसिस्को शहर के बीचों-बीच एक टैक्सी ड्राइवर पॉल स्टाइन (Paul Stine) की सिर में गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस को चिढ़ाने के लिए उसने पॉल स्टाइन की खून से सनी शर्ट का एक टुकड़ा फाड़कर चिट्ठी के साथ अखबार को पोस्ट कर दिया था।

मुख्य संदिग्ध: क्या कातिल पुलिस के सामने ही था?

पुलिस ने इस केस में 2,500 से अधिक संदिग्धों की जांच की। इनमें से सबसे मजबूत संदिग्ध था आर्थर लेघ एलन (Arthur Leigh Allen)। एलन के पास जो घड़ी थी, उसका ब्रांड नाम ही ‘Zodiac’ था और उस घड़ी पर वही सिंबल बना था जो कातिल इस्तेमाल करता था। वह उसी इलाके में रहता था जहां मर्डर्स हुए थे। उसके जूतों का साइज और उसकी टाइपराइटर मशीन का मॉडल भी कातिल से मेल खाता था।

ट्विस्ट यह आया कि पुलिस ने उसके घर पर रेड भी की, लेकिन उसका फिंगरप्रिंट, हैंडराइटिंग और बाद में किया गया डीएनए टेस्ट (DNA) कभी भी कातिल के नमूनों से मैच नहीं कर पाया। एलन हमेशा खुद को बेकसूर बताता रहा और 1992 में दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।

ताजा अपडेट्स: क्या AI खोल देगा राज?

हाल के सालों में, कुछ इंडिपेंडेंट ग्रुप्स जैसे ‘केस ब्रेकर्स’ ने दावा किया कि यह कातिल गैरी फ्रांसिस पोस्ट (Gary Francis Poste) नाम का एक एयरफोर्स वेटरन था, जिसके माथे के निशान पुलिस स्केच से मिलते थे।

वहीं आज के समय में, कई मशहूर इंवेस्टिगेटर्स और पॉडकास्टर्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और एडवांस्ड डेटा पैटर्न्स की मदद से इस केस की हजारों फाइलों को खंगाल रहे हैं ताकि कातिल के छिपे हुए पैटर्न्स और नामों को डिकोड किया जा सके। हालांकि, FBI का आज भी यही कहना है— “यह केस आधिकारिक तौर पर खुला है और जांच जारी है।”

जोडिएक किलर ने अपने खतों में दावा किया था कि उसने 37 लोगों को मौत के घाट उतारा है। उसने अपनी आखिरी चिट्ठी 1974 में लिखी थी, जिसके बाद वह हमेशा-हमेशा के लिए इतिहास के पन्नों में एक अनसुलझा खौफ बनकर गायब हो गया।


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