Friday, August 14, 2026

TOP NEWS

Box Office Blast: सिनेमाघरों...

Box Office Blast: सिनेमाघरों में लौटा ‘शिवम पंडित’ का खौफनाक गुस्सा, 'आवारापन 2'...

1928: वो आंदोलन जिसने...

बारदोली सत्याग्रह 1928: वो आंदोलन जिसने वल्लभभाई पटेल को 'सरदार' बनाया और अंग्रेजों...

इंदौर नगर निगम में...

(संवाददाता प्रफुल्ल तंवर)31 साल की नौकरी में आय से 1.73 करोड़ ज्यादा संपत्ति...

सिंगरौली: ‘तिरंगा यात्रा’ में...

मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस पूर्व 'तिरंगा...
Homeमहाराष्ट्रअमरावती में 'भूत' का खौफ: रात में घुंघरू की आवाज, फिर चीखें…...

अमरावती में ‘भूत’ का खौफ: रात में घुंघरू की आवाज, फिर चीखें… हॉस्टल छोड़ घर भागे 608 छात्र-छात्राएं


सोमवार की रात तक जहां चहल-पहल और किताबों की आवाजें गूंजती थीं, वहां अब सिर्फ सन्नाटा और खौफ का साया है। मध्य प्रदेश के एक सरकारी हॉस्टल परिसर में पिछले कुछ दिनों से रात होते ही एक अजीब सा डर फैल जाता है। पायल की झनकार, अचानक किसी के हंसने और फिर फूट-फूटकर रोने की आवाजों ने छात्रों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। खौफ का आलम यह है कि हॉस्टल में रहने वाले सभी 608 छात्र-छात्राएं अपना बोरिया-बिस्तर समेटकर घर भाग गए हैं।


रात 12 बजे के बाद शुरू होता है ‘खौफ का खेल’
हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के मुताबिक, यह सिलसिला पिछले 3-4 दिनों से लगातार जारी है। जैसे ही रात के 12 बजते हैं, गलियारों में किसी के चलने की आहट सुनाई देने लगती है।


“पहले लगता था कि कोई छात्र टहल रहा है, लेकिन फिर छन-छन घुंघरू की आवाज आने लगती है। कुछ ही देर में वो आवाज तेज हंसी में बदल जाती है और फिर किसी के रोने की डरावनी चीखें सुनाई देती हैं। हम सब डर के मारे एक ही कमरे में दुबक जाते थे।” — एक पीड़ित छात्र का बयान


छात्रों का दावा है कि जब उन्होंने हिम्मत जुटाकर बाहर जाकर देखने की कोशिश की, तो गलियारे में कोई नहीं दिखता था, लेकिन आवाजें फिर भी आती रहती थीं। डर के मारे कई छात्रों की तबीयत भी बिगड़ने लगी, जिसके बाद उन्होंने अपने परिजनों को फोन कर बुला लिया और हॉस्टल खाली कर दिया।
अंधविश्वास या साजिश?
एक ही रात में 600 से ज्यादा बच्चों के हॉस्टल छोड़ने से शिक्षा विभाग और स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया है। हॉस्टल की खाली पड़ी बैरकें अब इस खौफ की गवाही दे रही हैं।


हालाँकि, इस पूरे मामले पर विशेषज्ञों और स्थानीय पुलिस का नजरिया अलग है:


मानसिक तनाव और भ्रम: विशेषज्ञों का मानना है कि परीक्षा के दबाव या किसी एक छात्र के डर की वजह से सामूहिक मानसिक तनाव (Mass Hysteria) की स्थिति बन सकती है, जिसमें लोग अफवाहों पर भरोसा करने लगते हैं।
शारारती तत्वों की करतूत: पुलिस को शक है कि हॉस्टल खाली कराने या माहौल खराब करने के लिए किसी ने ब्लूटूथ स्पीकर या साउंड सिस्टम का इस्तेमाल करके यह अफवाह फैलाई हो सकती है।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ अधिकारियों ने हॉस्टल परिसर का दौरा किया है।
CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं: रात के वक्त की सभी गतिविधियों पर नजर रखने के लिए हॉस्टल के सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है।
सुरक्षा बढ़ाई गई: हॉस्टल परिसर में गार्ड्स की संख्या बढ़ा दी गई है और रात में गश्त के आदेश दिए गए हैं।
छात्रों को वापस लाने का प्रयास: हॉस्टल प्रबंधन अब छात्रों और उनके अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दे रहा है, ताकि उनकी पढ़ाई का नुकसान न हो।
फिलहाल हॉस्टल पूरी तरह से सन्नाटे में डूबा है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस रहस्य से पर्दा उठा पाता है या फिर खौफ का यह साया छात्रों को वापस आने से रोके रखेगा।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments