चंडीगढ़:
सिख बंदियों की रिहाई और पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के हत्यारे की पैरोल की मांग को लेकर शनिवार को चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर कौमी इंसाफ मोर्चा और प्रदर्शनकारियों के बीच भारी हंगामा हुआ। हालात को बेकाबू होते देख चंडीगढ़ पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए अत्याधुनिक
ड्रोन के जरिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
ड्रोन से आंसू गैस के गोले और वाटर कैनन का इस्तेमाल
प्रदर्शनकारी जब चंडीगढ़ में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग की। प्रदर्शनकारियों के उग्र होने पर पुलिस ने पहले वाटर कैनन का इस्तेमाल किया और फिर पंजाब-चंडीगढ़ सीमा पर इतिहास में पहली बार ड्रोन की मदद से हवा से आंसू गैस के गोले दागे।
मुख्य मांगें:
दीर्घकालिक सिख कैदियों की रिहाई: सजा पूरी कर चुके ‘बंदी सिंहों’ को तुरंत जेलों से रिहा किया जाए।
पैरोल की मांग: पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के मामले में सजा काट रहे बलवंत सिंह राजोआना और अन्य दोषियों के लिए पैरोल तथा स्थायी रिहाई की मांग।
बेअदबी मामलों में इंसाफ: श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दी जाए।
सुरक्षाबल तैनात, ट्रैफिक डायवर्ट
घटना के बाद चंडीगढ़ और मोहाली पुलिस ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है। सेक्टर-52 और 53 के पास की सड़कों को पूरी तरह सील कर दिया गया है और आम जनता के लिए ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था को हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।


