Monday, September 28, 2026

TOP NEWS

उज्जैन: खुद शाही मस्जिद...

उज्जैन सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद की जाली खुद हटाते वक्त भावुक हुए लोग। माहौल बिगड़ने की अफवाहों के बीच जानें क्या बोले शहर काजी और एसपी प्रदीप शर्मा।

Ratlam Crime: फर्जी महिला...

मध्य प्रदेश के रतलाम में फर्जी महिला नारकोटिक्स TI सपना ठाकुर ने प्रॉपर्टी ब्रोकर को ड्रग्स केस और एनकाउंटर की धमकी देकर 3.45 करोड़ रुपये हड़पे। पुलिस ने किया गिरफ्तार।

Russia Ukraine War: यूक्रेन...

रूस-यूक्रेन जंग में बड़ा तकनीकी उलटफेर! यूक्रेन ने 'ऑपरेशन विवाल्डी' के तहत मोर्चे पर घातक सुसाइड रोबोट सैनिक उतारे हैं। रूस के 3,000 सैनिकों को ढेर करने का दावा करते हुए डोनेट्स्क के 5 गांव और 3 बस्तियां वापस लीं। पढ़ें पूरी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट।

ब्लडी मंडे: शेयर बाजार...

Share Market Crash Today: शेयर बाजार में भारी गिरावट! निफ्टी 23,000 के नीचे फिसला और सेंसेक्स 950 अंक टूटा। जानिए बाजार गिरने की 4 बड़ी वजहें और निवेशकों को कितना हुआ नुकसान।
Homeमध्य प्रदेशराजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में विकास के दावों की खुली पोल,...

राजस्व मंत्री के गृह क्षेत्र में विकास के दावों की खुली पोल, उफनती नदी पार कर कंधे पर शव ले जाने को मजबूर ग्रामीण


इछावर (मध्य प्रदेश): प्रदेश सरकार जहां एक ओर सड़कों और बुनियादी सुविधाओं का जाल बिछाने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, वहीं दूसरी ओर मध्य प्रदेश के इछावर विधानसभा क्षेत्र से सामने आई एक तस्वीर ने प्रशासनिक व्यवस्था की कलई खोलकर रख दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह क्षेत्र प्रदेश के राजस्व मंत्री का गृह क्षेत्र है, जहां आज भी ग्रामीण मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं।
मामला इछावर के ग्रामीण इलाके का है, जहां पुल या रपटे के अभाव में ग्रामीणों को उफनती नदी के बीच से गुजरना पड़ रहा है। हाल ही में हुई तेज बारिश के कारण नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। इसी बीच गांव में एक व्यक्ति की मृत्यु हो जाने पर अंतिम संस्कार के लिए श्मशान घाट तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए जानलेवा साबित हुआ।
गांव में नदी पर पुल न होने के कारण ग्रामीणों के पास और कोई रास्ता नहीं बचा था। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए मृतक के शव को कंधों पर उठाया और बहते तेज पानी के बीच से नदी पार की। इस खौफनाक मंजर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण उफनती नदी में संतुलन बनाते हुए शव ले जाते दिख रहे हैं।
बरसातों में थम जाती है जिंदगी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। हर साल बारिश के मौसम में गांव का संपर्क बाकी दुनिया से कट जाता है। नदी पर पुल निर्माण को लेकर कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही हाथ लगा।
मंत्री के क्षेत्र में व्यवस्था लाचार
राजस्व मंत्री के अपने ही विधानसभा क्षेत्र में इस तरह की तस्वीर सामने आने के बाद शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जब मंत्री के अपने क्षेत्र का यह हाल है, तो प्रदेश के दूर-दराज के इलाकों की स्थिति का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही नदी पर पुल का निर्माण नहीं कराया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments