मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले के चितरंगी में आयोजित स्वतंत्रता दिवस पूर्व ‘तिरंगा यात्रा’ के दौरान कुप्रबंधन और भीषण गर्मी के कारण 12 स्कूली विद्यार्थियों की तबीयत बिगड़ गई। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में शामिल होने आए बच्चे तेज धूप और उमस के बीच घंटों मंत्री के आगमन का इंतजार करते रहे।
भीषण गर्मी और व्यवस्था की कमी
चितरंगी क्षेत्र के लगभग आठ अलग-अलग स्कूलों से 200 से अधिक विद्यार्थी इस यात्रा में भाग लेने के लिए पहुंचे थे। बच्चों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने के लिए लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा। सुबह बिना नाश्ते के निकले विद्यार्थियों को चितरंगी बाजार पहुंचने के बाद करीब एक घंटे तक धूप में खड़ा रखा गया। आयोजन स्थल पर पीने के पानी और जलपान की समुचित व्यवस्था न होने के कारण थकान और डिहाइड्रेशन से बच्चे चक्कर खाकर गिरने लगे। एक छात्रा को सांस लेने में अधिक तकलीफ होने पर तुरंत ऑक्सीजन सपोर्ट देना पड़ा।
ऑटो से अस्पताल पहुंचाया गया
छात्रों की स्थिति बिगड़ती देख शिक्षकों ने तुरंत स्थानीय ऑटो-रिक्शा का इंतजाम किया और सभी 12 पीड़ित विद्यार्थियों को चितरंगी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। स्वास्थ्य केंद्र के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर के अनुसार, बच्चों को चक्कर आने, घबराहट और डिहाइड्रेशन की समस्या थी। प्राथमिक उपचार के बाद सभी बच्चों की स्थिति में सुधार हुआ और उन्हें छुट्टी दे दी गई।
प्रशासनिक कार्रवाई और प्रतिक्रिया
घटना का संज्ञान लेते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी और उपविभागीय अधिकारी (SDM) को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। प्रशासन ने बिना पूर्व तैयारी और समुचित व्यवस्थाओं के दूर-दराज के स्कूलों से बच्चों को बुलाने पर जवाब मांगा है। दूसरी ओर, मंत्री ने अव्यवस्था के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि बच्चों की तबीयत अत्यधिक गर्मी और पैदल चलने की वजह से खराब हुई थी, जबकि पानी का प्रबंध किया गया था।


