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एशियन गेम्स 2026: जापान में खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, खेल गांव की जगह कंटेनरों और क्रूज़ में रुकने को मजबूर एथलीट्स

एशियन गेम्स 2026: जापान में खिलाड़ियों के रहने की व्यवस्था पर फूटा गुस्सा, खेल गांव की जगह कंटेनरों और क्रूज़ में रुकने को मजबूर एथलीट्स

नागोया (जापान)। 20वें एशियन गेम्स 2026 का आगाज़ जापान के नागोया में बेहद रंगारंग अंदाज में होने जा रहा है, लेकिन खेलों के इस महाकुंभ के शुरू होने से पहले ही एक बहुत बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जापानी मैनेजमेंट की भारी प्रशासनिक लापरवाही और बजट में की गई भारी कटौती (Budget Cuts) के फैसलों के कारण भारतीय खिलाड़ियों सहित कई एशियाई देशों के एथलीटों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इस अव्यवस्था को लेकर भारतीय दल और अन्य देशों के खेल संघों ने आयोजकों के सामने कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है।

खेल गांव की जगह मिले तंग ‘कंटेनर’ और क्रूज़ शिप

इस बार के एशियन गेम्स में लागत कम करने के चक्कर में आयोजकों ने पारंपरिक ‘खेल गांव’ (Games Village) का निर्माण ही नहीं किया है। इसके विकल्प के रूप में खिलाड़ियों को रहने के लिए जो इंतजाम दिए गए हैं, वे किसी बुरे सपने जैसे हैं:

  • अस्थाई कंटेनरनुमा कमरे: खिलाड़ियों को लोहे के अस्थाई कंटेनरों और समंदर में खड़े क्रूज़ शिप के छोटे केबिनों में ठहराया गया है।
  • लंबे एथलीटों के लिए आफत: ये कमरे इतने छोटे और संकरे हैं कि शॉटपुटर, बास्केटबॉल और बॉक्सिंग जैसे खेलों के भारी-भरकम और लंबे एथलीटों को ठीक से लेटने, बैठने और मुड़ने तक की जगह नहीं मिल पा रही है।
  • खिलाड़ियों की मानसिक स्थिति पर असर: एथलीटों का कहना है कि खेलों के इस बड़े मंच पर जहां उन्हें पूरी तरह मानसिक रूप से शांत और एकाग्र रहना चाहिए, वहां उन्हें बुनियादी सुविधाओं और रिकवरी स्पेस के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।

लॉजिस्टिक्स फेल्योर का शिकार हुए शॉटपुटर तजिंदरपाल सिंह तूर

जापानी मैनेजमेंट और लॉजिस्टिक्स की इसी लापरवाही का खामियाजा भारतीय दल को भी भुगतना पड़ा। भारत के स्टार शॉटपुटर और दो बार के एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट तजिंदरपाल सिंह तूर को भारतीय दल का पुरुष ध्वजवाहक (Flag Bearer) चुना गया था।

लेकिन, भारत से आई उनकी ऑफिशियल सेरेमोनियल किट (ब्लेज़र और यूनिफॉर्म) जापानी एयरपोर्ट और मैनेजमेंट की मिसहैंडलिंग के कारण समय पर उन तक नहीं पहुंच सकी। बिना ऑफिशियल ड्रेस के सेरेमनी में शामिल होना नामुमकिन था, जिसके चलते तूर को ऐन वक्त पर अपना नाम वापस लेना पड़ा। अब उनकी जगह स्टार कबड्डी खिलाड़ी पवन सहरावत और शूटर मनु भाकर भारतीय तिरंगे की अगुवाई करेंगे।

भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने जताई कड़ी आपत्ति

खिलाड़ियों को हो रही इस भारी असुविधा को देखते हुए भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने आयोजकों के सामने आधिकारिक तौर पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। भारत के अलावा कई अन्य देशों ने भी सोशल मीडिया और आधिकारिक माध्यमों से जापान के इस खराब मैनेजमेंट की तीखी आलोचना की है और एथलीटों के लिए तुरंत बेहतर इंतजाम करने की मांग की है।

अब देखना यह होगा कि खेल शुरू होने के बाद आयोजक इन व्यवस्थाओं को कितनी जल्दी सुधार पाते हैं, ताकि खिलाड़ियों का ध्यान अपनी परफॉर्मेंस से न भटके।

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