असम पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी और साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ₹1,071 करोड़ के विशाल साइबर फ्रॉड मामले में एक मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी लोगों को ऑनलाइन निवेश और फर्जी स्कीमों के जरिए भारी मुनाफे का लालच देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का हिस्सा था।
फर्जी ऐप्स और शेल कंपनियों के जरिए ठगी
पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह ने देश भर के हजारों निवेशकों को निशाना बनाया। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपी और उसके साथी फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन बेटिंग ऐप्स और शेल (मुकम्मल कागजी) कंपनियों के नेटवर्क के जरिए धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे।
लोग जब इस उम्मीद में पैसे लगाते थे कि उन्हें कम समय में ज्यादा रिटर्न मिलेगा, तो कुछ समय बाद ऐप्स काम करना बंद कर देती थीं और रकम को अलग-अलग बेनामी बैंक खातों में ट्रांसफर कर लिया जाता था।
जांच में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
STF और साइबर सेल की संयुक्त टीम पिछले कुछ समय से बैंक खातों में हो रहे संदिग्ध डिजिटल लेन-देन पर नजर रख रही थी।
जांच के दौरान सामने आया:
अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन: ठगी की रकम को क्रिप्टोकरेंसी और हवाला के जरिए विदेशों में भेजने की शंका जताई जा रही है।
सैकड़ों बेनामी बैंक खाते: गिरोह ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए सैकड़ों ‘म्यूल अकाउंट्स’ (Mule Accounts) खोल रखे थे, जिनका इस्तेमाल धोखाधड़ी के पैसे को ठिकाने लगाने में होता था।
डिजिटल सबूत बरामद: पुलिस ने आरोपी के पास से कई मोबाइल फोन, सिम कार्ड, फर्जी दस्तावेज, एटीएम कार्ड और संदिग्ध बैंक पासबुक जब्त की हैं।
अधिकारियों का बयान:
“यह राज्य में उजागर हुए अब तक के सबसे बड़े साइबर वित्तीय घोटालों में से एक है। मामले के तार अन्य राज्यों और संभवतः विदेशों से भी जुड़े हैं। मुख्य साजिशकर्ताओं और बाकी नेटवर्क को बेनकाब करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।”
सतर्कता ही बचाव है: साइबर सेल की अपील
घटना के बाद असम पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने आम जनता के लिए अलर्ट जारी किया है:
किसी भी अनजान ऐप या अनधिकृत प्लेटफॉर्म पर निवेश करने से बचें।
‘रातों-रात पैसा दोगुना’ करने का दावा करने वाली योजनाओं से सावधान रहें।
किसी भी वित्तीय धोखाधड़ी का शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


