भोपाल से बड़ी खबर
भोपाल, 16 सितम्बर 2026
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले 26 दिनों से शांतिपूर्ण धरना दे रहे चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों का सब्र आखिरकार टूट गया है। स्कूल शिक्षा विभाग और सरकार की ओर से कोई ठोस कदम न उठाए जाने के विरोध में मंगलवार को अभ्यर्थियों ने अपना आंदोलन तेज कर दिया। वर्ग-1, वर्ग-2 और वर्ग-3 के सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने नीलम पार्क से लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) कार्यालय तक एक विशाल पैदल मार्च निकाला और दफ्तर का घेराव किया।
‘पदवृद्धि और काउंसलिंग’ पर अड़े अभ्यर्थी
आंदोलनकारियों की मुख्य मांग शिक्षक भर्ती परीक्षाओं के पदों की संख्या में बढ़ोतरी (पदवृद्धि) करना और खाली सीटों को भरने के लिए दूसरी काउंसलिंग की प्रक्रिया तुरंत शुरू करना है। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे सभी योग्यता पूरी करने के बाद भी महीनों से नियुक्ति के लिए भटक रहे हैं।
निर्जला उपवास पर बैठे अभ्यर्थी, तबीयत बिगड़ी
नीलम पार्क में आंदोलन की शुरुआत से ही कई अभ्यर्थी अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल और निर्जला उपवास पर बैठे हुए हैं। 5 दिनों से बिना अन्न-जल के धरने पर डटे आंदोलन का नेतृत्व कर रहे नरेंद्र राजपूत की तबीयत काफी बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें ठेले (स्ट्रेचर) के सहारे रैली में शामिल होना पड़ा। प्रदर्शन स्थल पर ही महिला अभ्यर्थियों ने अपने परिवार से दूर रहकर रक्षाबंधन, तीजा और गणेश चतुर्थी जैसे बड़े त्योहार मनाए हैं।
शिक्षा मंत्री के बंगले के घेराव का ऐलान
चयनित शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं किया गया, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। रणनीति के तहत जहां वर्ग-2 और वर्ग-3 के अभ्यर्थी DPI दफ्तर पर डटे हैं, वहीं वर्ग-1 के चयनित शिक्षक स्कूल शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव करने की तैयारी में हैं।
दूसरी तरफ, विभागीय अधिकारियों का कहना है कि परिणाम घोषित होने के बाद नियमों के तहत पदों की संख्या में इस तरह अचानक बढ़ोतरी करना संभव नहीं है, जिससे गतिरोध और गहरा गया है।


