दिशा सालियान केस में नया मोड़: पिता का CBI के सामने बड़ा दावा, कहा– “दोषियों को मिले उम्रकैद या फांसी की सजा”
मुंबई। सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियान की मौत के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) द्वारा औपचारिक एफआईआर (FIR) दर्ज किए जाने के बाद जांच की रफ्तार काफी तेज हो गई है। बॉम्बे हाई कोर्ट के कड़े निर्देश के बाद हरकत में आई सीबीआई के समक्ष अब दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने अपना बेहद विस्तृत और नया बयान दर्ज कराया है। अपने इस अधिकारिक बयान में उन्होंने कई बड़े और रसूखदार चेहरों पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके लिए कानून के तहत सबसे कठोर सजा की मांग की है।
“जैसे मेरी बेटी की गरिमा छीनी, वैसे ही दोषियों की इज्जत भी जाएगी”
जांच एजेंसी को अपनी लिखित शिकायत और बयान सौंपने के बाद भावुक पिता सतीश सालियान ने न्याय की मजबूत गुहार लगाई है। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कड़ा आक्रोश जताते हुए कहा कि अब दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि इस पूरे घिनौने कृत्य में शामिल लोगों को या तो उम्रकैद दी जाए या फिर सीधे फांसी (मौत की सजा) की सजा सुनाई जाए। उन्होंने कहा, “जिस प्रकार उन लोगों ने मिलकर मेरी बेटी की इज्जत और गरिमा को सरेआम ठेस पहुंचाई थी, उसी प्रकार कानून भी एक दिन उनकी इज्जत उतारेगा।”
बयान में दर्ज कराए कई हाई-प्रोफाइल नाम
पीड़ित परिवार के कानूनी सलाहकार और अधिवक्ता के मुताबिक, सीबीआई को सौंपे गए ताजा दस्तावेजों और बयानों में उन लोगों की सूची दी गई है जिन पर या तो इस वारदात में सीधे तौर पर शामिल होने या फिर बाद में सबूतों को पूरी तरह नष्ट कर मामले को रफा-दफा करने का गहरा संदेह है।
- मुख्य संलिप्तता के आरोप: सतीश सालियान ने अपने आधिकारिक बयान में कुछ प्रमुख राजनेताओं, बड़े अभिनेताओं और उनके निजी सुरक्षाकर्मियों के नाम दर्ज करवाए हैं, जिन पर शुरू से ही इस घटनाक्रम में शामिल होने के आरोप लगते रहे हैं।
- मामला दबाने की साजिश: शिकायत में यह भी आरोप मढ़ा गया है कि तत्कालीन मुंबई पुलिस के कुछ आला अधिकारियों, कतिपय जांच प्रभारियों और बॉलीवुड से जुड़े कुछ लोगों ने मिलकर जानबूझकर सच को दबाने और इसे एक साधारण दुर्घटना का रूप देने का प्रयास किया था।
छह साल के लंबे इंतजार के बाद जगी उम्मीद
अपनी बेटी की न्याय की लड़ाई को लेकर पिता ने कहा कि वे पिछले करीब 6 सालों से लगातार संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि देर से ही सही, लेकिन सत्य की हमेशा जीत होती है और जहां सच्चाई होती है वहां ईश्वर भी साथ देता है। उन्हें पूर्ण विश्वास है कि सीबीआई की इस नई एफआईआर के बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा।
गौरतलब है कि 28 वर्षीय दिशा सालियान की मौत जून 2020 में मुंबई के मलाड इलाके में स्थित एक बहुमंजिला इमारत की 14वीं मंजिल से संदिग्ध परिस्थितियों में गिरने के कारण हुई थी। शुरुआती दौर में स्थानीय पुलिस ने इसे दुर्घटनावश हुई मौत माना था, लेकिन हाल ही में आए अदालती आदेशों के बाद अब केंद्रीय एजेंसी इस पूरे मामले की नए सिरे से गहन पड़ताल कर रही है।


