Monday, October 5, 2026

TOP NEWS

Lakhimpur Kheri: भीरा में...

लखीमपुर खीरी के भीरा थाना क्षेत्र में दलित नाबालिग से दुष्कर्म का मामला। आरोपी विशेष समुदाय का होने पर भीरा थाने में बजरंग दल का भारी हंगामा, सीओ गोला मौके पर पहुंचे।

बालोद में पुलिसकर्मी की...

छत्तीसगढ़ के बालोद में लाइब्रेरी से लौट रही पुलिसकर्मी की बेटी पर एसिड अटैक। गंभीर हालत में छात्रा रायपुर रेफर, भागते हुए आरोपी का CCTV फुटेज आया सामने।

दिल्ली पुलिस के ACP...

दिल्ली पुलिस के ACP विवेक भगत को विवादों के बीच एडिशनल DCP पद पर प्रमोशन मिला है। इस फैसले पर CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने सवाल उठाते हुए इसे 'छेड़छाड़ का इनाम' बताया। पूरी रिपोर्ट पढ़ें।

स्पेन में हाउसिंग संकट...

स्पेन में 87 साल की बुजुर्ग महिला की बेदखली के बाद भड़का भारी आक्रोश. संसद में हाउसिंग बिल गिरने के बाद पीएम पेड्रो सांचेज़ ने किया समय से पहले आम चुनाव का ऐलान, 29 नवंबर को होगा मतदान. पूरी खबर पढ़ें.
HomeUncategorizedCAA नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: अब इन 8 सीमावर्ती राज्यों के...

CAA नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: अब इन 8 सीमावर्ती राज्यों के DM सीधे दे सकेंगे नागरिकता, गृह मंत्रालय का बड़ा आदेश

CAA नागरिकता नियमों में बड़ा बदलाव: अब इन 8 सीमावर्ती राज्यों के DM सीधे दे सकेंगे नागरिकता, गृह मंत्रालय का बड़ा आदेशनई दिल्ली, 20 अगस्त 2026:केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन कानून (CAA) को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने नागरिकता नियम, 2009 में संशोधन करते हुए देश के 8 प्रमुख सीमावर्ती राज्यों के जिला कलेक्टरों (DM) को सीधे नागरिकता देने के विशेषाधिकार सौंप दिए हैं। सरकार के इस कदम से अब इन राज्यों में शरणार्थियों को नागरिकता मिलने की प्रक्रिया काफी तेज़ और आसान हो जाएगी।

इन 8 राज्यों में लागू हुआ नया नियमगृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह नया नियम मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से सटे राज्यों के लिए लागू किया गया है

:पश्चिमबंगाल,पंजाब,राजस्थान,गुजरात,असम,त्रिपुरा,जम्मू-कश्मीर,लद्दाख,

लंबी और जटिल प्रक्रिया से मिली मुक्ति

इससे पहले सीएए (CAA) के तहत नागरिकता प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार बहु-एजेंसी अधिकार प्राप्त समितियों (Empowered Committees) के पास था। इस प्रक्रिया में कई सुरक्षा एजेंसियों की क्लीयरेंस और अलग-अलग स्तरों पर जांच के कारण नागरिकता मिलने में काफी लंबा वक्त लग रहा था। अब इस लंबी कानूनी प्रक्रिया की अनिवार्यता को खत्म कर दिया गया है।

जिला कलेक्टर (DM) को मिले सीधे अधिकार

नए संशोधन के बाद, अब इन 8 राज्यों के संबंधित जिलों के जिला कलेक्टर (DM) या जिला मजिस्ट्रेट को ही अंतिम अथॉरिटी बना दिया गया है। शरणार्थियों के आवेदनों और दस्तावेजों की जांच के बाद, जिला कलेक्टर सीधे अपने स्तर पर नागरिकता देने का फैसला ले सकेंगे और प्रमाणपत्र जारी कर सकेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह फैसला?

विशेषज्ञों के मुताबिक, इस फैसले से सबसे बड़ा फायदा पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए उन हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को होगा जो सालों से इन सीमावर्ती राज्यों में शरणार्थी के रूप में रह रहे हैं। प्रशासनिक स्तर पर सीधे अधिकार मिलने से फाइलों की पेंडेंसी खत्म होगी और सीएए के क्रियान्वयन में तेजी आएगी।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments