देवास शराब कांड में इंदौर से बड़ा राजनीतिक कनेक्शन
मध्य प्रदेश के चर्चित देवास शराब कांड में इंदौर से एक बड़ा और चौंकाने वाला कनेक्शन सामने आया है, जिसके बाद सूबे की सियासत पूरी तरह से गरमा गई है। पुलिस ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता आनंद कासलीवाल के बेटे अमन कासलीवाल को गिरफ्तार कर लिया है। अमन पर अवैध व जहरीली शराब बनाने के लिए मुख्य आरोपियों को केमिकल यानी स्पिरिट और मिक्स सॉल्वेंट सप्लाई करने का गंभीर आरोप है। इस गिरफ्तारी के बाद भारतीय जनता पार्टी बेहद आक्रामक हो गई है और कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने सीधे प्रदेश कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी पर वित्तीय लेन-देन को लेकर संगीन आरोप लगाए हैं।
क्या है पूरा देवास शराब कांड?
पिछले दिनों देवास जिले के चंदना और बिनजाना गांवों में कथित तौर पर जहरीली शराब पीने के कारण करीब 13 लोगों की जान चली गई थी और कई लोग गंभीर रूप से बीमार हुए थे। इस बड़े और संवेदनशील कांड के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए देवास के तत्कालीन कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक (SP) को तुरंत पद से हटा दिया था, साथ ही कई आबकारी व पुलिस कर्मचारियों को निलंबित किया था। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि मामले का मुख्य आरोपी अजय उर्फ अज्जू राठौर और उसका साथी गोविंद आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व आधुनिक तरीकों की मदद से मिलावटी और जानलेवा शराब तैयार कर रहे थे।
कांग्रेस नेता के बेटे की गिरफ्तारी और भूमिका
पुलिस ने देवास मामले में नामजद 10 आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद यह बड़ा खुलासा हुआ। मुख्य आरोपी अजय राठौर और गोविंद ने पुलिस के सामने कुबूल किया कि उन्होंने अमन कासलीवाल से ही थिनर और केमिकल का ड्रम खरीदा था। इसी आधार पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अमन को दबोच लिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने इंदौर में स्थित कासलीवाल के केमिकल सप्लाई से जुड़े गोदाम को भी सील कर दिया है। आरोप है कि महज ₹6,000 में मिक्स सॉल्वेंट के नाम पर यह जानलेवा स्पिरिट आरोपियों को बेची गई थी। दूसरी तरफ, आरोपी अमन के पिता और इंदौर के वरिष्ठ कांग्रेस प्रवक्ता आनंद कासलीवाल ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा है कि उनके बेटे का केमिकल का वैध व्यापार है और उन्होंने सारे सामान की बिक्री जीएसटी रिकॉर्ड और लीगल दस्तावेजों के साथ की थी। फिलहाल पुलिस अब इस बात की गहराई से तश्तीफ कर रही है कि क्या अमन को यह पता था कि इस केमिकल का इस्तेमाल जहरीली शराब बनाने में होने वाला है।
मंत्री विश्वास सारंग के तीखे सवाल: ‘क्या PCC का खर्च इसी से चलता है?’
इस गिरफ्तारी के तुरंत बाद मध्य प्रदेश के कैबिनेट मंत्री विश्वास सारंग ने प्रेस कॉन्फ्रेंस बुलाई और कांग्रेस संगठन व प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर चौतरफा हमला बोला। सारंग ने गंभीर आरोप लगाते हुए पूछा कि क्या आनंद और अमन कासलीवाल ही प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (PCC) का सारा खर्च उठाते थे? उन्होंने सवाल दागा कि क्या कांग्रेस के धरने-प्रदर्शनों में टेंट, लाइट, माइक, पीसीसी का बिजली बिल और कर्मचारियों की तनख्वाह यही परिवार स्पॉन्सर करता था? उन्होंने यह शंका भी उठाई कि क्या कांग्रेस संगठन को चलाने के लिए लगाया जाने वाला यह पैसा जहरीली और नकली शराब के काले साम्राज्य से कमाया जा रहा था और इसकी उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। सारंग ने जीतू पटवारी की चुप्पी पर घेरा और कहा कि घटना को 24 घंटे से ज्यादा बीत चुके हैं, लेकिन जीतू पटवारी ने अब तक अपने प्रवक्ता आनंद कासलीवाल पर कोई कार्रवाई नहीं की है और वो आज भी पार्टी के पद पर बने हुए हैं। फिलहाल बीजेपी प्रवक्ताओं ने मांग की है कि शराब माफियाओं को संरक्षण देने वाले ऐसे लोगों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए, जबकि देवास पुलिस अमन कासलीवाल को रिमांड पर लेकर पूरे केमिकल सप्लाई नेटवर्क की पड़ताल कर रही है।


