सावधान! फर्जी ट्रैफिक चालान का मैसेज भेजकर 10 करोड़ की साइबर ठगी, दिल्ली पुलिस ने किया बड़े गिरोह का पर्दाफाश
नई दिल्ली:
देश में ऑनलाइन फ्रॉड के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब साइबर ठगों ने लोगों को चपत लगाने के लिए ‘फर्जी ट्रैफिक चालान’ को अपना नया हथियार बनाया है। दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने एक ऐसे ही हाई-टेक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने फर्जी चालान और रिवॉर्ड ऐप के जरिए देशभर के सैकड़ों लोगों से 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। पुलिस ने इस मामले में देश के अलग-अलग राज्यों से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
विदेशी ऐप के जरिए ‘रिवॉर्ड’ का लालच
पुलिस जांच में सामने आया कि यह गिरोह ‘विंगो कैश’ (Wingo Cash) नाम के एक विदेशी ऐप का इस्तेमाल कर रहा था। ठग सबसे पहले लोगों को 1 से 3 रुपये का छोटा सा ‘रिवॉर्ड’ जीतने का लालच देते थे। जैसे ही कोई यूजर इस लालच में आकर ऐप डाउनलोड करता और रिवॉर्ड रिडीम (फायदा उठाने) की कोशिश करता, उसका फोन हैक हो जाता था।
ऐसे काम करता था ठगी का जाल (Modus Operandi):
- फोन का रिमोट एक्सेस: ऐप डाउनलोड होते ही पीड़ित के फोन का एक्सेस ठगों के पास चला जाता था।
- ऑटोमैटिक मैसेजिंग: रिडीम बटन दबाते ही पीड़ित के फोन की स्क्रीन करीब 30 सेकंड के लिए लॉक हो जाती थी। इस दौरान उसके फोन से बैकग्राउंड में 9 से 12 फिशिंग एसएमएस (जैसे फर्जी ट्रैफिक चालान या पेंडिंग कूरियर डिलीवरी के लिंक) दूसरे अनजान लोगों को भेज दिए जाते थे।
- क्रेडिट कार्ड और बैंक खातों की हैकिंग: जब कोई दूसरा व्यक्ति उस फर्जी चालान लिंक पर क्लिक करता, तो उसके बैंक खाते या क्रेडिट कार्ड की जानकारी चोरी हो जाती थी। एक पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि फर्जी चालान के लिंक पर क्लिक करते ही उसके क्रेडिट कार्ड से 2.21 लाख रुपये साफ हो गए।
कुवैत तक जुड़े हैं तार, 5 आरोपी गिरफ्तार
इस गिरोह का जाल इतना बड़ा था कि देशभर में इनके खिलाफ 544 शिकायतें दर्ज हैं। ठगी गई रकम को भारत में ‘मनी-म्यूल’ (किराए के बैंक खातों) के जरिए इकट्ठा किया जाता था और फिर उसे कुवैत के एक अंतरराष्ट्रीय बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाता था।
दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से मुंबई, लखनऊ, दिल्ली, राजस्थान और पंजाब में छापेमारी करके 5 मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी पहचान मोती सिंह बघेला, हर्षपाल, विक्की, विशाल दास वैष्णव और बर्जेश कुमार के रूप में हुई है।
साइबर पुलिस की एडवाइजरी: खुद को कैसे सुरक्षित रखें?
- व्हाट्सएप या एसएमएस लिंक से बचें: ट्रैफिक पुलिस कभी भी व्यक्तिगत नंबरों या व्हाट्सएप पर चालान भुगतान के लिए डायरेक्ट लिंक नहीं भेजती।
- अज्ञात APK फाइल्स डाउनलोड न करें: किसी भी अनजान वेबसाइट या मैसेज में दिए गए लिंक से कोई ऐप (APK फाइल) इंस्टॉल न करें। यह आपके फोन को हैक कर सकती है।
- केवल आधिकारिक पोर्टल का इस्तेमाल करें: अपने वाहन का चालान चेक करने या भरने के लिए हमेशा भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट echallan.parivahan.gov.in पर ही जाएं।
हेल्पलाइन: यदि आप किसी भी तरह की साइबर ठगी के शिकार होते हैं, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।


