दिल्ली-NCR में 50% वर्क फ्रॉम होम लागू, पुरानी गाड़ियों पर लगी रोक; हरियाणा बॉर्डर पर 1 किमी लंबा जाम
नई दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के खतरनाक स्तर को देखते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) और दिल्ली सरकार ने 1 नवंबर से बेहद सख्त पाबंदियां लागू कर दी हैं। बढ़ते स्मॉग पर काबू पाने के लिए सरकारी और निजी (Private) कार्यालयों में 50% कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (WFH) अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके साथ ही, बाहरी राज्यों से आने वाले पुराने और प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों (नॉन-BS-VI पेट्रोल/डीजल गाड़ियां) के दिल्ली प्रवेश पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। इस कड़े चेकिंग अभियान के कारण रविवार को गुरुग्राम और फरीदाबाद से सटी हरियाणा सीमाओं पर 1 किलोमीटर से भी लंबी वाहनों की कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ा।
हालांकि, इन कड़े प्रतिबंधों के बीच राहत की बात यह है कि अनुकूल मौसम के चलते पिछले 9 सालों में इस बार अक्टूबर महीने की हवा सबसे साफ दर्ज की गई है।
दफ्तरों के समय में बदलाव (Staggered Timings)
सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और प्रदूषण के पीक आवर्स को टालने के लिए दिल्ली सरकार ने दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया है:
- MCD कार्यालय: सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक।
- दिल्ली सरकार के कार्यालय: सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक।
- निजी क्षेत्र: कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे भी अपने लॉग-इन समय में बदलाव करें।
बॉर्डर पर सख्त पहरा: ‘नो-एंट्री’ से लगा भीषण जाम
दिल्ली की सीमाओं पर एंट्री प्वाइंट्स को पूरी तरह से छावनी में बदल दिया गया है। केवल इलेक्ट्रिक (EV), सीएनजी (CNG) और बीएस-VI (BS-VI) मानकों वाले वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी जा रही है। रविवार सुबह से ही हरियाणा-दिल्ली बॉर्डर पर पुलिस हर गाड़ी के दस्तावेजों और प्रदूषण सर्टिफिकेट की सघन जांच कर रही है, जिसकी वजह से एक्सप्रेसवे और कनेक्टिंग सड़कों पर 1 किमी से ज्यादा लंबा जाम देखा गया।
प्रदूषण नियंत्रण के लिए अन्य 3 बड़े फैसले
- निर्माण कार्यों (Construction) पर पाबंदी: दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण फैलाने वाले आउटडोर सिविल कंस्ट्रक्शन और तोड़फोड़ की गतिविधियों पर अगले तीन महीनों (31 जनवरी तक) के लिए पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
- पार्किंग शुल्क हुआ दोगुना: लोगों को निजी वाहनों के बजाय दिल्ली मेट्रो और सार्वजनिक बसों का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से पार्किंग फीस को दोगुना कर दिया गया है।
- ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ नियम: दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर लगे एएनपीआर (ANPR) कैमरे गाड़ियों की नंबर प्लेट स्कैन कर रहे हैं। बिना वैध प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) वाले वाहनों को पेट्रोल, डीजल या सीएनजी नहीं दी जाएगी।
9 वर्षों में सबसे स्वच्छ रहा अक्टूबर
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, अक्टूबर महीने में लगातार चली तेज हवाओं के कारण वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) नियंत्रण में रहा, जिससे यह पिछले 9 वर्षों का सबसे साफ अक्टूबर साबित हुआ। लेकिन नवंबर की शुरुआत के साथ ही हवा की गति धीमी होने और तापमान गिरने के कारण धुंध (Smog) बढ़ने लगी है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने पहले ही इन कड़े एहतियाती कदमों को उठा लिया है।


