पेरिस: फ्रांस इस समय भीषण नागरिक असंतोष की आग में झुलस रहा है। देश में बढ़ती महंगाई, आसमान छूती जीवन-यापन लागत और बदहाल नागरिक सुविधाओं के खिलाफ जनता का गुस्सा इस कदर भड़क उठा है कि राजधानी पेरिस समेत कई बड़े शहर जंग का मैदान बन चुके हैं। लाखों लोगों के सड़कों पर उतरने के साथ ही इस आंदोलन ने एक बेहद हिंसक रूप ले लिया है, जिससे पूरा प्रशासन दहल गया है।
राष्ट्रपति भवन के नजदीक भड़की भीषण हिंसा
प्रदर्शनों का सबसे खौफनाक मंजर राजधानी पेरिस में देखने को मिला, जहां सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए उपद्रवी एलिसी पैलेस (फ्रांसीसी राष्ट्रपति भवन) के बेहद करीब पहुंच गए। राष्ट्रपति भवन से महज 400 मीटर की दूरी पर जबरदस्त हिंसक झड़पें दर्ज की गईं। उग्र भीड़ ने सड़कों पर लगे बैरिकेड्स को आग के हवाले कर दिया, वाहनों को फूंक दिया और जमकर तोड़फोड़ की। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए दंगा नियंत्रण पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े और वॉटर कैनन (पानी की बौछारें) का सहारा लेना पड़ा।
143 साल पुरानी ऐतिहासिक धरोहर खाक
इस देशव्यापी हिंसा के दौरान फ्रांस की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को भी अपूरणीय क्षति पहुंची है। मध्य फ्रांस के लिमोज शहर में उपद्रवियों ने सन 1883 में निर्मित एक ऐतिहासिक टाउन हॉल को आग के हवाले कर दिया। यह इमारत 143 साल पुरानी थी और इसे फ्रांस का एक प्रमुख ऐतिहासिक स्थल माना जाता था। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी इमारत को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे उसकी छत ढह गई और इमारत का दो-तिहाई हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो गया। इसके अलावा, लियोन शहर में एक बड़े टूरिस्ट ऑफिस को भी आग लगा दी गई।
महंगाई के खिलाफ सड़कों पर लाखों का सैलाब
ट्रेड यूनियनों और छात्र संगठनों के आह्वान पर शुरू हुए इस आंदोलन में जनसैलाब उमड़ पड़ा है। श्रमिक संघों के दावों के मुताबिक, महंगाई से त्रस्त करीब 8 लाख लोग देश के विभिन्न हिस्सों में सड़कों पर उतरे हैं, वहीं सरकारी आंकड़ों में यह संख्या करीब साढ़े पांच लाख बताई जा रही है। प्रदर्शनकारियों में सिर्फ आम नागरिक और मजदूर ही नहीं, बल्कि भारी संख्या में स्कूली छात्र और विश्वविद्यालयी युवा भी शामिल हैं। इस आंदोलन को सोशल मीडिया के जरिए प्रसिद्ध ‘येलो वेस्ट’ आंदोलन की तर्ज पर दोबारा हवा दी गई है।
दुकानों में लूटपाट और बड़ी गिरफ्तारियां
हिंसा की आड़ में कई नकाबपोश दंगाइयों ने बड़े पैमाने पर व्यापारिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया है। पेरिस और बोर्डो जैसे शहरों में नामी ब्रांड्स के शोरूम और अन्य दुकानों के शीशे तोड़कर सरेआम लूटपाट की खबरें हैं। गृह मंत्रालय के अनुसार, बिगड़े हालात को काबू में करने के लिए सुरक्षा बलों ने अब तक 1,200 से अधिक उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है। पूरे देश में हुई इन झड़पों में सैकड़ों छात्र और सुरक्षाकर्मी घायल हो चुके हैं।
राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और आगजनी करने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि सरकारी इमारतों और ऐतिहासिक धरोहरों को निशाना बनाने वाले किसी भी दंगाई को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


