नई दिल्ली:
देश की आर्थिक सेहत और त्योहारी सीजन (Festive Season) की तैयारियों के बीच सरकार के खजाने के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में देश का ग्रॉस जीएसटी कलेक्शन सालाना आधार पर 14.7% बढ़कर ₹2,03,521 करोड़ (लगभग ₹2.04 लाख करोड़) पर पहुंच गया है। पिछले साल सितंबर 2025 में यह आंकड़ा ₹1.77 लाख करोड़ था। यह लगातार तीसरा महीना है जब देश का मासिक टैक्स कलेक्शन ₹2 लाख करोड़ के ऐतिहासिक स्तर के ऊपर बना हुआ है।
इस महीने के आंकड़े: कहां से कितनी हुई कमाई
टैक्स कलेक्शन में आई इस बड़ी तेजी के पीछे घरेलू मांग और आयात (Imports) दोनों का मजबूत योगदान रहा है:
- घरेलू लेनदेन (Domestic Activities): घरेलू स्तर पर व्यापार और खपत से मिलने वाला टैक्स 10.1% बढ़कर ₹1,37,996 करोड़ रहा।
- आयात (Imports GST): विदेशों से आने वाले सामान पर लगने वाले जीएसटी में 25.9% की भारी बढ़त देखी गई, जो कि ₹65,525 करोड़ पर पहुंच गया।
- नेट जीएसटी कलेक्शन (Net GST Collection): सरकार द्वारा व्यापारियों को दिए जाने वाले रिफंड को हटाने के बाद, शुद्ध कर संग्रह (Net GST) 18.1% की बढ़त के साथ ₹1,76,520 करोड़ दर्ज किया गया।
चालू वित्त वर्ष (FY27) की छमाही का रिपोर्ट कार्ड
वित्त वर्ष 2026-27 के पहले छह महीनों (अप्रैल से सितंबर 2026) की बात करें तो सरकार की कुल कमाई शानदार रही है:
- इस छमाही में कुल ग्रॉस जीएसटी संग्रह 11.6% बढ़कर ₹12,46,278 करोड़ हो गया है।
- पिछले साल की इसी अवधि में यह कलेक्शन ₹11,17,088 करोड़ था।
राज्य-वार प्रदर्शन (State-wise Highlights)
देश के प्रमुख औद्योगिक राज्यों ने इस महीने बेहतरीन प्रदर्शन किया है:
- महाराष्ट्र ₹29,986 करोड़ (15% बढ़त) के साथ सबसे आगे रहा।
- कर्नाटक ने ₹13,884 करोड़ (16% बढ़त) और गुजरात ने ₹12,222 करोड़ (17% बढ़त) का टैक्स जुटाया।
- इनके अलावा उत्तर प्रदेश (₹8,882 करोड़) में 18% और तेलंगाना (₹5,327 करोड़) में भी 18% की मजबूत बढ़त देखने को मिली है।
एक्सपर्ट्स की राय
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि टैक्स नियमों के बेहतर अनुपालन (Tax Compliance) और जीएसटी ऑडिट की वजह से टैक्स चोरी रुकी है, जिसका सीधा असर आंकड़ों में दिख रहा है। आने वाले महीनों में दिवाली और अन्य त्योहारों के कारण बाजार में खपत और बढ़ेगी, जिससे उम्मीद है कि यह कलेक्शन आगे और नए रिकॉर्ड बना सकता है। इसी बीच, आगामी 7 अक्टूबर को जीएसटी काउंसिल (GST Council) की बैठक भी होने वाली है, जहां टैक्स ढांचे को आसान बनाने को लेकर कुछ और बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।


