भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। यह सीट डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिसके लिए 12 नवंबर 2026 को मतदान होना तय हुआ है।
- खाली हुई सीट: पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद मध्य प्रदेश की यह राज्यसभा सीट खाली हुई थी।
- नामांकन की तारीख: केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी द्वारा 31 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश विधानसभा में अपना नामांकन पत्र दाखिल किए जाने की संभावना है।
- चुनाव कार्यक्रम: इस सीट के लिए आधिकारिक अधिसूचना जारी की जा चुकी है। नामांकन की आखिरी तारीख 2 नवंबर है और मतदान व मतगणना 12 नवंबर 2026 को होगी।
राजनीतिक समीकरण और महत्व
वर्तमान स्थिति और बदलाव: हरदीप सिंह पुरी वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा सांसद हैं, जिनका कार्यकाल नवंबर 2026 में समाप्त हो रहा है। उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों के मद्देनजर बीजेपी नेतृत्व ने वहां के जातीय समीकरणों को संतुलित करने के लिए नए चेहरों को मौका देने का फैसला किया है। इसी वजह से उन्हें इस बार मध्य प्रदेश से मैदान में उतारा जा रहा है।
कैबिनेट में बने रहने की अनिवार्यता: वैश्विक स्तर पर चल रहे तेल और ऊर्जा संकट के बीच भारतीय हाइड्रोकार्बन क्षेत्र को संभालने के लिए अनुभवी राजनयिक हरदीप सिंह पुरी का संसद सदस्य बने रहना बेहद जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में उनके प्रशासनिक और कूटनीतिक अनुभव की निरंतरता बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है।
संसदीय गणित और जीत की राह: मध्य प्रदेश विधानसभा में भाजपा के पास पूर्ण बहुमत है। कुल 230 सीटों में से भाजपा के पास मजबूत संख्या बल होने के कारण हरदीप सिंह पुरी की इस उपचुनाव में जीत पूरी तरह तय मानी जा रही है।
एल. मुरुगन के इस्तीफे की वजह
डॉ. एल. मुरुगन का राज्यसभा कार्यकाल अभी बाकी था। हालांकि, उन्होंने संगठन स्तर पर काम करने और आगामी चुनावों के लिए तमिलनाडु में जमीनी स्तर पर भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के उद्देश्य से स्वेच्छा से अपने पद से इस्तीफा दिया है।
शीर्ष नेतृत्व का जताया आभार
बीजेपी की केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा नाम तय किए जाने के बाद केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि यह जिम्मेदारी संगठन के प्रति समर्पण और जनसेवा के संकल्प को और दृढ़ करने का एक नया अवसर है।


