Saturday, October 17, 2026

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इंदौर के नामचीन गरबा...

इंदौर के माता कनकेश्वरी गरबा पंडाल में बीजेपी नेता कमल चौहान द्वारा 15 वर्षीय किशोरी और उसके परिवार के साथ बदसलूकी और धक्का-मुक्की का वीडियो वायरल. कांग्रेस ने आरोपी नेता की बर्खास्तगी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. पढ़ें पूरी खबर.

बांग्लादेश में बड़ा विवाद:...

बांग्लादेश की जगन्नाथ यूनिवर्सिटी में दुर्गा पूजा के महाषष्ठी के दिन केंद्रीय मंदिर के पास गोमांस पकाने और कैंपस में गोकशी के ऐलान से सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया है। पहले रोक लगाने के बाद प्रशासन ने छात्रों के दबाव में यू-टर्न लिया। पूरी खबर पढ़ें।

मांडू में सूखे का...

धार जिला सूखाग्रस्त घोषित होने के बाद ऐतिहासिक नगरी मांडू में जल संकट गहराया। नगर परिषद ने मुनादी कराकर तालाबों के पानी को कृषि व निर्माण कार्यों में इस्तेमाल करने पर रोक लगाई।

उत्तराखंड के ऐतिहासिक आदि...

उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में स्थित ऐतिहासिक आदि बद्री मां भगवती शक्तिपीठ (बदियाकोट) में भीषण आग लगने से सदियों पुराना मुख्य मंदिर और उसकी अद्भुत काष्ठकला जलकर खाक हो गई है। पूरी खबर पढ़ें।
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180 वैज्ञानिकों की चेतावनी: भारत में अगले कुछ महीनों में आ सकता है ‘प्रलय’ जैसा मौसम, सूखा और भीषण गर्मी का संकट

भारत में अगले कुछ महीनों में मौसम का एक ऐसा विनाशकारी रूप देखने को मिल सकता है, जो देश को बड़े संकट में डाल देगा। देश और दुनिया के 180 से अधिक प्रमुख पर्यावरण और मौसम वैज्ञानिकों ने एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले समय में ‘सुपर अल-नीनो’ (Super El Niño) की दस्तक होने जा रही है, जिसका असर भारत के मौसम पर ‘प्रलय’ जैसा हो सकता है। इसके कारण देश को रिकॉर्ड तोड़ भीषण गर्मी, भयंकर सूखे और पानी की भारी किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।

‘सुपर अल-नीनो’ का खतरा और समय सीमा
मौसम वैज्ञानिकों की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, प्रशांत महासागर में समुद्र की सतह का पानी असामान्य रूप से गर्म हो रहा है। जब यह गर्मी अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाती है, तो इसे ‘सुपर अल-नीनो’ कहा जाता है।

  • कब दिखेगा असर: वैज्ञानिकों के अनुसार, इस बेहद शक्तिशाली अल-नीनो का असर आगामी नवंबर से शुरू होकर अगले साल के शुरुआती महीनों तक सबसे खतरनाक रूप में देखने को मिल सकता है।
  • ग्लोबल वॉर्मिंग का असर: जलवायु परिवर्तन और लगातार बढ़ती ग्लोबल वॉर्मिंग के कारण यह अल-नीनो इस बार सामान्य से कहीं ज्यादा मजबूत और विनाशकारी होने की आशंका है।

प्रलय जैसी चेतावनी
180 से अधिक वैज्ञानिकों के समूह ने चेतावनी दी है कि इस मौसम चक्र के बिगड़ने से भारत को कई मोर्चों पर भारी नुकसान उठाना पड़ेगा:

  1. भीषण गर्मी और सूखा: देश के कई राज्यों में तापमान सामान्य से बहुत अधिक बढ़ जाएगा। सर्दियों के मौसम में भी गर्मी का अहसास होगा। बारिश न होने से खेती-किसानी पूरी तरह प्रभावित हो सकती है और सूखे के हालात बन सकते हैं।
  2. जंगलों में आग का तांडव: अत्यधिक गर्मी और सूखे के कारण भारत के जंगलों में बड़े पैमाने पर आग (Wildfires) लगने की घटनाएं बढ़ेंगी। इससे न सिर्फ कीमती वनस्पति नष्ट होगी, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी संकट आ जाएगा।
  3. समुद्री जीवन को खतरा: भारत के तटीय समुद्रों का तापमान बढ़ने से ‘मरीन हीटवेव’ आएगी। इसके कारण समुद्र के नीचे मौजूद मूंगे (Coral Reefs) नष्ट हो जाएंगे और मछलियां अपना स्थान बदल लेंगी, जिससे तटीय इलाकों के मछुआरों का धंधा ठप हो जाएगा।
  4. शहरों में हीट स्ट्रेस: कंक्रीट के जंगलों में तब्दील हो चुके बड़े शहरों में रात के समय भी तापमान कम नहीं होगा। यह स्थिति इंसानों के स्वास्थ्य के लिए जानलेवा साबित होगी और बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ेगा।

विशेषज्ञों की सरकार से अपील
जलवायु वैज्ञानिकों का कहना है कि हम इस प्राकृतिक बदलाव को पूरी तरह रोक नहीं सकते, लेकिन समय रहते इससे होने वाले नुकसान को कम जरूर कर सकते हैं। वैज्ञानिकों ने सरकार से मांग की है कि देश में तुरंत जगह-जगह मौसम की निगरानी के लिए स्थानीय केंद्र बनाए जाएं। साथ ही, संभावित सूखे और गर्मी से निपटने के लिए अभी से एक्शन प्लान तैयार किया जाए ताकि फसलों और इंसानी जान को समय रहते सुरक्षित किया जा सके।

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