टाटा संस के चेयरमैन की बड़ी भविष्यवाणी: भारत में आने वाली है ‘अभूतपूर्व’ आर्थिक क्रांति, AI बदल देगा देश की सूरत
Business News: भारतीय कॉर्पोरेट जगत के सबसे बड़े चेहरों में से एक और टाटा संस (Tata Sons) के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने भारत के आर्थिक भविष्य को लेकर एक बेहद सकारात्मक और ऐतिहासिक भविष्यवाणी की है। चेन्नई में आयोजित मद्रास मैनेजमेंट एसोसिएशन (MMA) के 68वें वार्षिक दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने दावा किया कि भारत एक ऐसे आर्थिक विकास के दौर में प्रवेश कर रहा है, जो देश के इतिहास और पूरी दुनिया में ‘अभूतपूर्व’ (Unparalleled) होगा। उनके इस बयान के बाद देश के व्यापारिक और तकनीकी क्षेत्रों में एक नई ऊर्जा देखने को मिल रही है।
भारत में तकनीकी और आर्थिक क्रांति की शुरुआत
टाटा संस के चेयरमैन ने अपने संबोधन में साफ कहा कि आने वाले समय में तकनीक, विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), देश की तस्वीर को पूरी तरह से बदलने वाली है। उन्होंने कहा कि आज जब पूरी दुनिया में एआई के आने से नौकरियों के खत्म होने और मंदी की चिंताएं जताई जा रही हैं, उस दौर में भारत इस तकनीक का सबसे बड़ा लाभार्थी बनकर उभरेगा। भारत का घरेलू बाज़ार और यहाँ की विशाल युवा वर्कफोर्स इस वैश्विक बदलाव का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि तकनीक केवल बड़े उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह देश के कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और छोटे व्यवसायों (MSMEs) में एक बड़ा बदलाव लाएगी। एआई और अन्य आधुनिक तकनीकों की मदद से भारत की उत्पादकता में भारी इज़ाफा होगा, जो देश की जीडीपी को अगले कई दशकों तक बहुत तेज़ी से आगे बढ़ाने का काम करेगा।
नौकरियों के संकट पर दिया बड़ा बयान
एआई के आने से रोजगार पर पड़ने वाले असर की चिंताओं को दूर करते हुए एन चंद्रशेखरन ने एक नया नज़रिया पेश किया। उन्होंने कहा कि तकनीक कभी भी इंसानी क्षमता को पूरी तरह से खत्म नहीं कर सकती, बल्कि यह उसे और बेहतर बनाती है। भारत जैसे देश में जहाँ कौशल (Skills) और इनोवेशन की भारी मांग है, वहां एआई की मदद से बिल्कुल नए बिजनेस सेक्टर्स का उदय होगा। इससे आने वाले सालों में लाखों नए और एडवांस रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
उन्होंने युवाओं को सलाह दी कि वे केवल पारंपरिक डिग्रियों पर निर्भर न रहें, बल्कि बदलते समय के साथ खुद को नई तकनीकों में अपग्रेड करते रहें। टाटा चेयरमैन के मुताबिक, जो युवा आज की नई तकनीकों जैसे डेटा एनालिटिक्स, मशीन लर्निंग और एआई को अपनाएंगे, उनके लिए आगे बढ़ने के असीमित रास्ते खुलेंगे।
वैश्विक मंच पर मजबूत होती भारत की स्थिति
एन चंद्रशेखरन ने वैश्विक अर्थव्यवस्था का ज़िक्र करते हुए कहा कि आज दुनिया भर की बड़ी कंपनियाँ और निवेशक भारत को एक भरोसेमंद और मजबूत आर्थिक साझेदार के रूप में देख रहे हैं। भारत की आर्थिक नीतियां, बुनियादी ढांचे (Infrastructure) का विकास और डिजिटल क्रांति मिलकर एक ऐसा माहौल बना रहे हैं जो देश को दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बनाए रखेगा। उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले सालों में भारत न केवल एक मैन्युफैक्चरिंग हब बनेगा, बल्कि ग्लोबल टेक्नोलॉजी लीडर के रूप में भी अपनी पहचान स्थापित करेगा।


