Friday, October 30, 2026

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Indore News: दूध से फैट निकालकर और वनस्पति-मिल्क पाउडर मिलाकर बनाया जा रहा था नकली मावा, इंदौर में बड़ी फैक्ट्री सील, 341 किलो सामग्री जब्त

इंदौर। दीपावली के त्योहार पर आम जनता की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ इंदौर जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। कमिश्नर खाद्य सुरक्षा मध्यप्रदेश श्री मनोज पुष्प और कलेक्टर श्री शिवम वर्मा के सख्त निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल ने अहीरखेड़ी स्थित एक मावा फैक्ट्री पर छापा मारकर मिलावट के बड़े खेल का भंडाफोड़ किया है। विभाग ने ‘श्री श्याम फूड एजेंसी’ को तत्काल प्रभाव से बंद कराकर वहां से 341 किलोग्राम संदिग्ध खाद्य सामग्री जब्त की है।

दूध से मलाई (फैट) निकालकर बनाया जा रहा था नकली मावा

खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम जब ग्राम अहीरखेड़ी स्थित श्री श्याम फूड एजेंसी (प्लॉट नंबर 19) के कारखाने पर पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। फैक्ट्री में त्योहार के सीजन को भुनाने के लिए बड़े पैमाने पर सिंथेटिक और मिलावटी मावा तैयार किया जा रहा था।

जांच में सामने आया कि यहाँ सबसे पहले दूध से असली मलाई (फैट) को बाहर निकाल लिया जाता था। इसके बाद उस बचे हुए दूध में स्किम्ड मिल्क पाउडर और वनस्पति तेल (डालडा/रिफाइंड) मिलाकर हूबहू असली जैसा दिखने वाला नकली मावा तैयार किया जा रहा था। मौके पर प्रतिष्ठान प्रभारी कानसिंह राजपुरोहित मौजूद थे, जो टीम को मावा निर्माण से जुड़ा कोई भी वैध दस्तावेज नहीं दिखा सके।

लाइसेंस नहीं मिला, मौके से ₹75,000 की सामग्री जब्त

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि फैक्ट्री के पास खाद्य पदार्थों के निर्माण हेतु उपयुक्त श्रेणी का अनिवार्य खाद्य पंजीयन (Food License) उपलब्ध नहीं था। मिलावट की पुख्ता आशंका और बिना लाइसेंस काम करने के चलते विभाग ने फैक्ट्री को तुरंत सील कर दिया।

मौके से जब्त की गई सामग्री:

  • संदिग्ध मावा: लगभग 298 किलोग्राम
  • वनस्पति तेल: 28 किलोग्राम
  • सूजी: 15 किलोग्राम
  • कुल जब्ती: 341 किलोग्राम (अनुमानित बाजार कीमत लगभग ₹75,000)

जांच के लिए भेजे गए 5 सैंपल, फेल होने पर होगी जेल

खाद्य सुरक्षा दल ने इस कारखाने से कुल 5 अलग-अलग खाद्य नमूने संग्रहित किए हैं, जिनमें मीठा मावा के 2 सैंपल, वनस्पति का 1 सैंपल, सूजी का 1 सैंपल और स्किम्ड मिल्क पाउडर का 1 सैंपल शामिल है।

अधिकारियों के मुताबिक, इन सभी सैंपल्स को तत्काल प्रभाव से भोपाल स्थित राज्य खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। लैब से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मिलावट की पुष्टि होते ही दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत सीधे कोर्ट केस और एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि दीपावली पर्व तक मावा और मिठाई माफियाओं के खिलाफ यह सर्चिंग अभियान शहर में लगातार जारी रहेगा।


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