बिहार के जमुई जिले से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। कोचिंग से लौट रही 10वीं की छात्रा और उसके दोस्त के साथ बीच सड़क पर बदसलूकी करने वाले मुख्य आरोपी नंदन यादव को पुलिस ने मुठभेड़ (Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस टीम जब आरोपी को लेकर तफ्तीश के लिए जा रही थी, तभी उसने भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने उसे दौड़ाकर पैर में गोली मारी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।
मौके का फायदा उठाकर भाग रहा था आरोपी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्पेशल टास्क फोर्स और स्थानीय पुलिस (SIT) की टीम ने फरार चल रहे मुख्य आरोपी नंदन यादव को मड़वा पहाड़ी के पास से दबोचा था। पुलिस टीम जब उसे घटना के सत्यापन और अन्य साक्ष्यों को जुटाने के लिए क्राइम सीन पर ले जा रही थी, तभी सुनसान रास्ते का फायदा उठाकर उसने पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश की।
पुलिसकर्मियों ने उसे रुकने की चेतावनी दी, लेकिन जब वह नहीं माना तो आत्मरक्षार्थ और उसे रोकने के लिए पुलिस ने फायरिंग की। इस कार्रवाई में आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
दूसरे आरोपी का पैर टूटा, कुल 4 अपराधी गिरफ्त में
इस बड़े एक्शन के दौरान अपराधियों के खिलाफ पुलिस का आक्रामक रूप देखने को मिला। छापेमारी की इस पूरी प्रक्रिया में मुख्य अपडेट्स इस प्रकार हैं:
- सह-आरोपी हरेराम भी चोटिल: पुलिस की इस दबिश और भाग-दौड़ के दौरान मामले के एक और नामजद आरोपी हरेराम यादव का भी पैर टूटने की प्राथमिक खबर आई है।
- अस्पताल में भर्ती: गोली लगने से घायल नंदन यादव और चोटिल हरेराम को भारी सुरक्षा के बीच जमुई के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
- अन्य संदिग्ध हिरासत में: वारदात में शामिल 4 अन्य संदिग्धों को भी पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर अपनी हिरासत में ले लिया है, जिनसे गुप्त स्थान पर पूछताछ चल रही है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मचा था हड़कंप
गौरतलब है कि यह पूरी घटना 19 सितंबर की शाम जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर घटित हुई थी। कोचिंग क्लास से लौट रहे दो नाबालिग छात्र-छात्राओं को कुछ मनचलों ने घेर लिया था। घटना का जो वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, उसमें चेहरे पर स्कार्फ और लाल गमछा बांधे मुख्य आरोपी नंदन यादव छात्रा के साथ जबरन बदसलूकी और मारपीट करता दिखाई दे रहा था। इस शर्मनाक घटना का वीडियो सामने आने के बाद राज्यभर में कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश फैल गया था, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई के लिए विशेष टीम का गठन किया था।
पीड़िता की पहचान बताने वाले 120 अकाउंट्स पर FIR
जमुई पुलिस प्रशासन इस मामले में कानूनी रूप से सख्त कदम उठा रहा है। पुलिस ने साफ किया है कि कानूनन किसी भी नाबालिग पीड़िता का चेहरा या नाम सोशल मीडिया पर साझा करना अपराध है। इसी कड़ी में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले 120 से अधिक सोशल मीडिया प्रोफाइल (फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स) के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इसके अलावा वीडियो को सबसे पहले वायरल करने वाले शख्स रामाशीष चौधरी को पहले ही पुलिस जेल भेज चुकी है।


