JPSC-JSSC धांधली मामला: छात्रों का अल्टीमेटम —
‘हेमंत सोरेन गद्दी छोड़ें या कांग्रेस वापस ले अपना समर्थन’
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली, अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर राज्य के युवाओं का गुस्सा फूट पड़ा है। झारखंड के विभिन्न जिलों से आए हजारों परीक्षार्थी और छात्र संगठन अब सरकार के खिलाफ आर-पार के मूड में आ गए हैं।
छात्रों का तीखा हमला और सीधी चेतावनी
विरोध कर रहे छात्रों का कहना है कि राज्य में परीक्षाओं की पारदर्शिता पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। कड़ी मेहनत के बावजूद युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक रहा है। छात्रों ने राज्य सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन परीक्षाओं में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं कर सकते, तो उन्हें अपने पद पर बने रहने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है और उन्हें तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। इसके साथ ही छात्रों ने सत्ताधारी गठबंधन में शामिल कांग्रेस पार्टी से अपील की है कि वह इस मामले पर अपना रुख स्पष्ट करे और या तो धांधली पर लगाम लगवाए अन्यथा सरकार से अपना समर्थन वापस ले।
छात्रों की मुख्य मांगें
इस्तीफा या समर्थन वापसी: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की मांग या कांग्रेस द्वारा सरकार से समर्थन वापस लेने का अल्टीमेटम।
उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच: JPSC और JSSC की संदिग्ध परीक्षाओं की किसी स्वतंत्र केंद्रीय एजेंसी से त्वरित और निष्पक्ष जांच।
पारदर्शी परीक्षा प्रणाली: भविष्य में आयोजित होने वाली सभी परीक्षाओं के लिए सख्त लीक-प्रूफ कानून और पारदर्शी प्रक्रिया लागू करना।
बढ़ता सियासी तापमान
छात्रों के इस आक्रामक रुख और अल्टीमेटम के बाद राज्य का राजनीतिक पारा चढ़ गया है। विपक्ष भी इस मुद्दे पर छात्रों के समर्थन में आ गया है और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। लगातार बढ़ते जनआक्रोश और छात्रों की एकजुटता से हेमंत सरकार पर दबाव काफी बढ़ गया है।


