इंदौर: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के एक कथित बयान पर शुरू हुआ सियासी घमासान अब शांत होता नजर आ रहा है। इंदौर में भाजपा की महिला पार्षद संध्या यादव की शारीरिक बनावट (बॉडी शेमिंग) को लेकर दिए गए अपने बयान पर बढ़ते विवाद के बाद, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो संदेश जारी कर पूरी स्थिति स्पष्ट की है और इस घटनाक्रम पर गहरा खेद व्यक्त किया है।
विजयवर्गीय ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस और कुछ मीडिया संस्थानों ने उनके शब्दों को गलत संदर्भ में पेश किया है। उन्होंने बताया कि पार्षद संध्या यादव उनकी बेटी जैसी हैं और उन्होंने बचपन में संध्या को अपनी गोद में खिलाया है।
‘संध्या मेरी बेटी जैसी है, कोई गलत भावना नहीं थी’
कैलाश विजयवर्गीय ने वीडियो जारी कर अपनी सफाई में कहा:
“कल मेरे विधानसभा क्षेत्र की एक बहुत ही सक्रिय हमारी पार्षद बहन संध्या यादव के वार्ड में काफी विकास के कार्य हुए, उस दौरान मेरे भाषण में मैंने उनके बारे में जो भी शब्द कहे, उसको कांग्रेस के लोगों ने काफी गलत तरीके से उठाया। वह मेरी बेटी जैसी है, मैंने बचपन में उसे गोद में खिलाया है। न उसके मन में कुछ है, न मेरे मन में कुछ है। कांग्रेस ने मेरे बयान को गलत तरीके से दिखाया और मीडिया ने भी गलत तरह से उठाया, जिससे मेरा मन दुखी है और मैं अपने दिए गए बयान को लेकर खेद प्रकट करता हूं।”
क्या था पूरा मामला?
यह विवाद इंदौर के वार्ड क्रमांक-6 में आयोजित करीब 7 करोड़ रुपये के विकास कार्यों के लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ था। कार्यक्रम में मंच से भाषण देते हुए और वार्ड के विकास कार्यों की तारीफ करते समय, जब पार्षद संध्या यादव उन्हीं के पास से गुजरकर माइक स्टैंड के पास आ रही थीं, तब पीछे खड़े एक कार्यकर्ता के न दिखने पर विजयवर्गीय ने हल्के-फुल्के अंदाज में टिप्पणी करते हुए कहा था— “संध्या दीदी की भी जरा चौड़ाई बढ़ गई, थोड़ी सी”।
इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद विपक्ष (कांग्रेस) ने इसे महिला के शारीरिक रूप-रंग (बॉडी शेमिंग) पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी बताते हुए मंत्री से सार्वजनिक रूप से माफी और इस्तीफे की मांग की थी।
पार्षद संध्या यादव ने भी दिया करारा जवाब
विवाद के बाद खुद वार्ड पार्षद संध्या यादव ने भी सामने आकर कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया और इसे पारिवारिक रिश्ता बताया। संध्या यादव ने कहा:
“माननीय कैलाश विजयवर्गीय जी मेरे लिए पिता के समान हैं और उन्होंने मुझे बचपन में अपनी गोद में खिलाया है। वीडियो में जिस ‘चौड़ाई बढ़ने’ वाली बात का जिक्र किया गया है, वह दरअसल मालवा अंचल की आम बोलचाल और स्नेह की भाषा का हिस्सा है, जिसे बड़े-बुजुर्ग अक्सर छोटों को प्यार से कह देते हैं। कांग्रेस इस मुद्दे पर केवल राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए झूठ और बेबुनियाद दुष्проचार कर रही है।”
अब मंत्री विजयवर्गीय द्वारा सार्वजनिक रूप से खेद जताने और पार्षद की ओर से इसे मालवी अंचल के पारिवारिक स्नेह की भाषा बताए जाने के बाद इस पूरे विवाद पर विराम लगता दिखाई दे रहा है।
NTV TIME
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