भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार के विमानन बेड़े को अत्याधुनिक बनाने और सूबे में वीवीआईपी एयर कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। हाल ही में खरीदे गए ₹235 करोड़ के बॉम्बार्डियर चैलेंजर 3500 बिजनेस जेट के बाद, अब राज्य सरकार ने ₹225 करोड़ की अनुमानित लागत से एक अत्याधुनिक वीवीआईपी हेलीकॉप्टर खरीदा है।
फ्रांसीसी विमान निर्माता कंपनी एयरबस द्वारा तैयार यह ट्विन-इंजन हेलीकॉप्टर मुख्यमंत्री और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों को प्रदेश के सुदूर और ग्रामीण अंचलों तक त्वरित पहुंच प्रदान करेगा। टैक्स और सीमा शुल्क (Customs Duty) मिलाकर इस सौदे की कुल लागत ₹225 करोड़ के करीब आंकी गई है, जिसकी डिलीवरी इसी वर्ष नवंबर तक होने की उम्मीद है।
इस बड़े फैसले और उड्डयन विभाग (Aviation Department) के आगामी मेगा प्लान की मुख्य कड़ियाँ इस प्रकार हैं:
9 यात्रियों की क्षमता और कस्टमाइज्ड सुरक्षा फीचर्स
विमानन सूत्रों के मुताबिक, यह एयरबस का ACH160 हेलीकॉप्टर मॉडल है, जिसे विशेष वीवीआईपी कॉन्फिगरेशन के तहत तैयार किया जा रहा है।
- सिटिंग कैपेसिटी: दो पायलटों के क्रू के अलावा, इसमें 9 यात्री एक साथ बैठकर सफर कर सकेंगे।
- फ्लाइट रेंज व स्पीड: यह हेलीकॉप्टर 155 नॉट (लगभग 287 किमी/घंटा) की अधिकतम क्रूज स्पीड से उड़ान भर सकता है। एक बार ईंधन भरने पर यह लगातार 4 घंटे 30 मिनट तक हवा में रह सकता है, जिससे बिना रुके पूरे मध्य प्रदेश का चक्कर लगाया जा सकता है।
- अत्याधुनिक तकनीक: वीवीआईपी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसमें डिजिटल एवियोनिक्स, एडवांस कैमरे और शोर कम करने वाली रोटर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है।
मिशन कनेक्टिविटी: हर 50 किमी पर हेलीपैड बनाने का खाका तैयार
मुख्यमंत्री के दौरों को सड़क मार्ग की निर्भरता से मुक्त करने और आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सरकार ने एक व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर नीति तैयार की है:
- 313 विकासखंडों को जोड़ने का लक्ष्य: राज्य के सभी 313 विकासखंडों (Blocks) में हवाई कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने के लिए अगले दो वर्षों में 63 नए हेलीपैड विकसित किए जाएंगे।
- 50 किलोमीटर का दायरा: इस ग्रिड के तैयार होने के बाद प्रदेश के हर 50 किलोमीटर के दायरे में एक चालू हेलीपैड उपलब्ध होगा, जिससे किसी भी प्रशासनिक या कानून-व्यवस्था की स्थिति में तुरंत मौके पर पहुंचा जा सकेगा। वर्तमान में प्रदेश में करीब 250 हेलीपैड क्रियाशील हैं।
कनाडा में पायलटों की ट्रेनिंग और ₹400 करोड़ का रनवे विस्तार प्लान
इस नई हवाई फ्लीट (Fleet) के सुरक्षित संचालन के लिए सरकार मानव संसाधन और बुनियादी ढांचे दोनों पर भारी निवेश कर रही है:
- एडवांस पायलट ट्रेनिंग: नए जेट और एयरबस हेलीकॉप्टर की जटिल उड़ानों और सुरक्षा प्रोटोकॉल को समझने के लिए मध्य प्रदेश विमानन विभाग के सरकारी पायलटों को कनाडा और अन्य अंतर्राष्ट्रीय केंद्रों में विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
- हवाई पट्टियों का चौड़ीकरण: नए खरीदे गए बड़े आकार के चैलेंजर जेट को सुरक्षित उतारने के लिए रनवे की लंबाई कम से कम 1800 मीटर होनी अनिवार्य है। इसके लिए विमानन विभाग ने जिला स्तर पर जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
- अतिरिक्त बजट: प्रदेश की लगभग 20 हवाई पट्टियों को अपग्रेड करने, बाउंड्री वॉल बनाने और नाइट-लैंडिंग की सुविधाएं विकसित करने पर ₹300 करोड़ से ₹400 करोड़ का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है।
नया एयरबस हेलीकॉप्टर आने के बाद मध्य प्रदेश देश के उन चुनिंदा राज्यों में शामिल हो जाएगा, जिनके पास अपने आंतरिक दौरों और कानून-व्यवस्था की निगरानी के लिए सबसे आधुनिक और सुरक्षित हवाई बेड़ा उपलब्ध है।


