मध्य प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए बड़ी खबर, 3 अक्टूबर से शुरू होंगे पंजीयन, ऐसे होगा खातों का वेरिफिकेशन
भोपाल: मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने भावांतर भुगतान योजना और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर सोयाबीन की खरीदी को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश में सोयाबीन किसानों के लिए पंजीयन (रजिस्ट्रेशन) प्रक्रिया आगामी 3 अक्टूबर 2026 से आधिकारिक तौर पर शुरू होने जा रही है।
इस बार सरकार ने फर्जीवाड़े को रोकने और सही किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए पंजीयन प्रणाली में एक बड़ा बदलाव किया है, जिसके तहत किसानों के बैंक खातों का डिजिटल वेरिफिकेशन किया जाएगा।
बैंक खातों में ₹1 भेजकर होगा वेरिफिकेशन
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इस साल पंजीयन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए एक नया नियम लागू किया जा रहा है। किसानों द्वारा रजिस्ट्रेशन पोर्टल पर दिए गए बैंक खातों की सत्यता जांचने के लिए सरकार उनके खातों में ₹1 ट्रांसफर (सत्यापन राशि) करेगी।
यदि किसान के खाते में ₹1 सफलतापूर्वक पहुंच जाता है, तो उनका बैंक खाता वेरिफाइड माना जाएगा और आगे चलकर सोयाबीन खरीदी की राशि सीधे उसी आधार-लिंक्ड बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) ट्रांसफर की जाएगी। इससे भुगतान में होने वाली देरी और गलत खातों में पैसा जाने की समस्या से पूरी तरह निजात मिलेगी।
कब से कब तक होंगे रजिस्ट्रेशन?
सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए ई-पार्जन पोर्टल पर पंजीयन की शुरुआत 3 अक्टूबर से होने जा रही है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे समय रहते अपने नजदीकी कियोस्क सेंटर, ग्राम पंचायत, या जनपद पंचायत केंद्रों पर जाकर अपना रजिस्ट्रेशन करवा लें।
पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज (Important Documents):
अपनी फसल का सुचारू रूप से पंजीयन कराने के लिए किसानों को निम्नलिखित दस्तावेज साथ रखने होंगे:
- आधार कार्ड (जो मोबाइल नंबर से लिंक हो)
- भूमि संबंधी दस्तावेज (खसरा-खतौनी की नकल/ऋण पुस्तिका)
- बैंक पासबुक (साफ दिखने वाले IFSC कोड और अकाउंट नंबर के साथ)
- मोबाइल नंबर (OTP वेरिफिकेशन के लिए)
किसानों को मिलेगा भावांतर और MSP का लाभ
इस बार सोयाबीन के गिरते दामों को देखते हुए किसान लगातार सरकार से उचित मूल्य की मांग कर रहे थे। 3 अक्टूबर से शुरू हो रहे इन पंजीयनों के बाद सरकार तय गाइडलाइंस के अनुसार किसानों की फसल खरीदेगी, जिससे मध्य प्रदेश के लाखों सोयाबीन किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।


