छत्रपति संभाजीनगर (महाराष्ट्र): कलयुगी माता-पिता की एक ऐसी खौफनाक और दिल दहला देने वाली करतूत सामने आई है, जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया है। महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में एक कपल ने अपने महज एक महीने के कलेजे के टुकड़े को ₹1 लाख 20 हजार में बेच दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि उन्होंने यह कदम किसी मजबूरी या गरीबी के कारण नहीं, बल्कि अपनी आलीशान जिंदगी और महंगे शौक पूरे करने के लिए उठाया।
बच्चे को बेचने से मिले पैसों से इस निर्दयी जोड़े ने ₹62,000 के सोने के गहने (सोने की चेन) और ₹25,000 के दो ब्रांडेड स्मार्टफोन खरीद लिए। पुलिस ने आरोपियों के पास से यह सारा सामान जब्त कर लिया है।
48 घंटे में 4 बार बिका मासूम, पहुंचा 550 KM दूर
पुलिस जांच में जो खुलासा हुआ है वह बेहद चौंकाने वाला है। माता-पिता से खरीदे जाने के बाद वह मासूम बच्चा महज 48 घंटे के भीतर 4 अलग-अलग दलालों के हाथों बिकता रहा। नांदेड़ के रास्ते होते हुए मासूम को छत्रपति संभाजीनगर से 550 किलोमीटर दूर तेलंगाना (हैदराबाद) पहुंचा दिया गया।
शुरुआती सौदा ₹1.20 लाख में हुआ था, लेकिन आगे बढ़ते-बढ़ते दलालों ने बच्चे की कीमत बढ़ाकर ₹3.50 लाख कर दी।
घरेलू विवाद ने खोला खौफनाक राज
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 20 सितंबर को बच्चे की मां पुलिस स्टेशन पहुंची और अपने पति के खिलाफ मारपीट की शिकायत दर्ज कराई। जब पुलिस ने मामले की गहराई से जांच शुरू की, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। महिला की गोद सूनी थी और पूछने पर पता चला कि दोनों ने मिलकर अपने ही नवजात बेटे का सौदा कर दिया था।
हैदराबाद से रेस्क्यू हुआ बच्चा, 7 आरोपी गिरफ्तार
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुकुंदवाड़ी पुलिस तुरंत एक्शन में आई। पुलिस टीम ने तकनीकी जांच के आधार पर जाल बिछाया और हैदराबाद से मासूम बच्चे को सुरक्षित बरामद कर लिया।
बाल कल्याण समिति (CWC) के आदेश के बाद बच्चे को फिलहाल पुनर्वास और सुरक्षा के लिए ‘साकार’ नामक एक अधिकृत शिशु गृह संस्था को सौंप दिया गया है। इस मामले में पुलिस ने कलयुगी माता-पिता समेत कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें खुद को डॉक्टर बताने वाला एक शख्स और बच्चे की खरीद-फरोख्त में शामिल बिचौलिए शामिल हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह आरोपी किसी बड़े अंतरराज्यीय बच्चा तस्करी (Child Trafficking) रैकेट से जुड़े हुए हैं।


