Tuesday, October 13, 2026

TOP NEWS

पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय...

इंदौर में पूर्व विधायक आकाश विजयवर्गीय ने 500 गरबा आयोजकों को लव जिहाद के खिलाफ सुरक्षा कवच बनाने, भजनों पर गरबा करने और जल संरक्षण की शपथ दिलाई। पढ़ें पूरी खबर...

हरियाणा ने जनगणना 2027...

एफसीआर डॉ. सुमिता मिश्रा ने उपायुक्तों को छूटे हुए लोगों और दोहरी गणना...

Indore Jio-bp Petrol Diesel...

इंदौर में जियो-बीपी (Jio-bp) पेट्रोल पंपों पर ईंधन की कीमतें अचानक बढ़ गई हैं। पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 प्रति लीटर महंगा हो गया है। बिना किसी पूर्व सूचना के हुई इस बढ़ोतरी से ग्राहकों में भारी नाराजगी है। जानें पूरी खबर...

पावागढ़ से अखंड ज्योत...

पावागढ़ से अखंड ज्योत लेकर मांडू पहुंचे श्रद्धालुः300 KM का सफर किया पैदल,...
HomeदेशBRICS Summit 2026: दिल्ली में पुतिन की हुंकार, G7 पर साधा बड़ा...

BRICS Summit 2026: दिल्ली में पुतिन की हुंकार, G7 पर साधा बड़ा निशाना; बोले- ‘वैश्विक अर्थव्यवस्था का इंजन बदल चुका है’

नई दिल्ली (NTV TIME न्यूज डेस्क): भारत की मेजबानी में राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित हो रहे 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन (BRICS Summit 2026) के पहले ही दिन वैश्विक राजनीति में बड़ी हलचल मच गई। सम्मेलन के बिजनेस फोरम सत्र को संबोधित करते हुए रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने आर्थिक मोर्चे पर पश्चिमी देशों और विकसित अर्थव्यवस्थाओं के समूह ‘G7’ पर तीखा हमला बोला। वैश्विक प्रतिबंधों के बीच भारत पहुंचे पुतिन के इस आक्रामक रुख ने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है।

“आखिर वे खुद को ग्रुप ऑफ सेवन क्यों कहते हैं?” — पुतिन

मंच से दुनिया भर के प्रमुख नीति निर्माताओं और उद्योगपतियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति पुतिन ने कूटनीतिक औपचारिकताओं को किनारे रखकर सीधा आर्थिक वार किया। उन्होंने वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के ताजा आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में वैश्विक आर्थिक विकास का 40 प्रतिशत से अधिक हिस्सा अकेले ब्रिक्स (BRICS) देशों के खाते से आया है।

इसके उलट, पश्चिमी देशों के समूह G7 का योगदान सिमटकर केवल 29 प्रतिशत रह गया है। पुतिन ने चुटकी लेते हुए कहा, “मुझे समझ नहीं आता कि आज के दौर में भी वे खुद को ‘ग्रुप ऑफ सेवन’ (G7) क्यों कहते हैं।” उनके इस बयान पर सभागार में मौजूद वैश्विक प्रतिनिधियों ने तालियों के साथ सहमति जताई।

भाषण की 3 सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण बातें:

  1. बदल चुका है विकास का इंजन: रूसी राष्ट्रपति ने साफ किया कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में अब पुराने दिग्गजों का दबदबा खत्म हो रहा है। आर्थिक विकास की नई कमान अब उभरते हुए गतिशील बाजारों (Dynamic Domestic Markets) के हाथों में है।
  2. किसी के खिलाफ नहीं है यह मंच: उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि ब्रिक्स किसी दूसरे गुट या देश के विरोध में काम करने वाला संगठन नहीं है। यह पूरी तरह से संप्रभु समानता और सदस्य देशों के साझा आर्थिक हितों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध एक स्वतंत्र मंच है।
  3. सुरक्षित व्यापारिक रास्तों पर जोर: पुतिन ने पश्चिमी प्रतिबंधों के प्रभाव को कम करने के लिए इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर और आर्कटिक रूट जैसे नए और सुरक्षित व्यापारिक कॉरिडोर पर मिलकर काम करने की वकालत की।

भारत और रूस के बीच 100 बिलियन डॉलर का महा-प्लान

इस ऐतिहासिक संबोधन से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच एक बेहद उच्च स्तरीय द्विपक्षीय बैठक संपन्न हुई। पश्चिमी दबावों और पाबंदियों को दरकिनार करते हुए दोनों महाशक्तियों ने साल 2030 तक आपसी द्विपक्षीय व्यापार को 100 बिलियन डॉलर (करीब 8.3 लाख करोड़ रुपये) के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस बैठक के दौरान भारत के लिए कच्चे तेल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने, असैन्य परमाणु ऊर्जा सहयोग को बढ़ाने, आधुनिक रेलवे नेटवर्क और उन्नत रक्षा तकनीकों के साझा विकास पर रणनीतिक सहमति बनी। पुतिन ने दोनों देशों के रिश्तों को अटूट बताते हुए पीएम मोदी को मॉस्को आने का निमंत्रण भी दिया।


RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments