Tuesday, November 3, 2026

TOP NEWS

पथरी क्षेत्र में फसल...

पथरी क्षेत्र में फसल सुरक्षा और खनन स्टॉक की वैधता पर सवालपूर्व प्रधान...

18 हजार ट्रामाडोल बरामदगी...

18 हजार ट्रामाडोल बरामदगी मामले में एसटीएफ ने एक और आरोपी दबोचाभारापुर निवासी...

सिडकुल में होटल में...

हरिद्वार के सिडकुल में एएचटीयू और पुलिस की संयुक्त टीम ने होटल युवराज में चल रहे देह व्यापार का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई में 1 महिला समेत 3 आरोपी गिरफ्तार, 2 पीड़िताएं बरामद।

सावधान! फर्जी ट्रैफिक चालान...

सावधान! दिल्ली पुलिस ने फर्जी ट्रैफिक चालान और रिवॉर्ड ऐप के जरिए 10 करोड़ रुपये की साइबर ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश कर 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानिए खुद को इस फ्रॉड से कैसे बचाएं।
Homeमध्य प्रदेशराहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले बड़ा सियासी 'होर्डिंग वॉर', शहर...

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले बड़ा सियासी ‘होर्डिंग वॉर’, शहर भर में लगे विवादित पोस्टर हटाने पहुंचे कांग्रेसी

राहुल गांधी के इंदौर दौरे से पहले बड़ा सियासी ‘होर्डिंग वॉर’, शहर भर में लगे विवादित पोस्टर हटाने पहुंचे कांग्रेसी

इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के आगमन से ठीक पहले राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राहुल गांधी के प्रस्तावित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से पहले ही शहर के प्रमुख चौराहों और व्यस्त सड़कों पर उनके खिलाफ तीखे हमले करने वाले 100 से अधिक विवादित होर्डिंग्स लगा दिए गए हैं।

इन पोस्टरों पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ बड़े अक्षरों में लिखा गया है—“झूठ की गूंज पे होगी सत्य की विजय”। इसके साथ ही इन पोस्टरों पर एक विशेष वेबसाइट का डोमेन और क्यूआर कोड भी छापा गया है।

क्यूआर कोड और दावों का फैक्ट चेक

इन रहस्यमयी पोस्टरों की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इन पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर देश के विभिन्न हिस्सों में राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयानों और भाषणों की एक सूची खुलती है। इस सूची के माध्यम से राहुल गांधी के पूर्व के दावों पर सवाल उठाए गए हैं और उन्हें ‘झूठ व गुमराह करने वाला’ साबित करने की कोशिश की गई है। राहुल गांधी के इंदौर पहुंचने से पहले इस तरह की डिजिटल घेराबंदी ने राजनीतिक गलियारों में खलबली मचा दी है।

सड़कों पर उतरे कांग्रेसी, होर्डिंग्स को फाड़ा

जैसे ही सुबह इन विवादित पोस्टरों की जानकारी कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगी, वे तुरंत एक्शन में आ गए। स्थानीय पार्षद और कई वरिष्ठ कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने शहर के चौराहों पर पहुंचकर इन होर्डिंग्स को अपने हाथों से उखाड़ना और फाड़ना शुरू कर दिया। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि राहुल गांधी के इस छात्र संवाद कार्यक्रम की अपार सफलता और भारी रजिस्ट्रेशन से घबराकर विरोधियों ने माहौल बिगाड़ने के लिए यह साजिश रची है।

बिना नाम के पोस्टर: कौन है इसके पीछे?

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सस्पेंस यह है कि शहर भर में लगाए गए इन 100 से अधिक होर्डिंग्स पर किसी भी प्रकाशक, राजनीतिक दल या व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है। आमतौर पर राजनीतिक विज्ञापनों या पोस्टरों पर निवेदक या प्रकाशक का नाम होता है, लेकिन इन विवादित पोस्टरों पर ऐसी कोई जानकारी न होने की वजह से पुलिस और प्रशासन के लिए भी यह जांच का विषय बन गया है।

सुरक्षा और रूट डायवर्जन के कड़े इंतजाम

एक तरफ जहां सड़कों पर पोस्टरों को लेकर खींचतान जारी है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासन राहुल गांधी के इस बड़े कार्यक्रम को लेकर पूरी तरह मुस्तैद है। युवाओं और छात्रों की भारी भीड़ को देखते हुए इंदौर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। कार्यक्रम स्थल के आसपास और शहर के करीब 13 प्रमुख रास्तों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से बनी रहे।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments