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ऐतिहासिक डील: अमेरिकी कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स भारत में करेगी ₹42,000 करोड़ का निवेश, बेंगलुरु में बनेगा विशाल रिसर्च पार्क

ऐतिहासिक डील: अमेरिकी कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स भारत में करेगी ₹42,000 करोड़ का निवेश, बेंगलुरु में बनेगा विशाल रिसर्च पार्क

नई दिल्ली:
भारत को दुनिया का अगला बड़ा सेमीकंडक्टर (चिप) हब बनाने की दिशा में एक बड़ी कामयाबी मिली है। सेमीकंडक्टर निर्माण के उपकरण बनाने वाली दुनिया की दिग्गज अमेरिकी कंपनी एप्लाइड मैटेरियल्स (Applied Materials) ने भारत में अगले 10 वर्षों के दौरान 5 बिलियन डॉलर (लगभग ₹42,000 करोड़) के भारी-भरकम निवेश का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। कंपनी ने यह ऐतिहासिक घोषणा राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ग्लोबल सेमीकंडक्टर सम्मेलन ‘सेमीकॉन इंडिया’ (SEMICON India) में अपने ‘इंडिया विज़न 2035’ के तहत की।

बेंगलुरु में स्थापित होगा 140 एकड़ का रिसर्च पार्क
इस मेगा डील के तहत कंपनी बेंगलुरु इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास 140 एकड़ भूमि पर एक अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर रिसर्च पार्क स्थापित करने जा रही है। इस सेंटर में दुनिया भर के सप्लायर्स और ग्राहकों के साथ मिलकर चिप बनाने की अगली पीढ़ी (Next-Gen) की तकनीकों और मशीनों पर रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) किया जाएगा।

हजारों युवाओं को मिलेंगे हाई-टेक रोजगार
कंपनी इस निवेश के जरिए भारत में अपने इंजीनियर्स और R&D वर्कफोर्स की संख्या को दोगुना करने जा रही है। वर्तमान में भारत में कंपनी के पास 7,000 से अधिक उच्च-कुशल कर्मचारी हैं। नए निवेश के बाद देश के युवाओं के लिए हाई-टेक इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हजारों नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

स्थानीय सप्लाई चेन होगी 10 गुना मजबूत
एप्लाइड मैटेरियल्स का लक्ष्य साल 2035 तक भारत के भीतर अपनी सप्लाई चेन क्षमता को 10 गुना (10X) तक बढ़ाना है। इसका सीधा फायदा भारत के घरेलू उद्योगों और सप्लायर्स को मिलेगा, जो इन एडवांस मशीनों के स्पेयर पार्ट्स और कंपोनेंट्स की मैन्युफैक्चरिंग कर सकेंगे।

ग्लोबल एक्सपोर्ट का नया केंद्र बनेगा भारत
इस डील की सबसे बड़ी खास बात यह है कि भारत अब सिर्फ चिप डिजाइनिंग तक सीमित नहीं रहेगा। भारत में तैयार होने वाली सेमीकंडक्टर मशीनों और जटिल कलपुर्जों को दुनिया भर के बड़े सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग प्लांट्स (Fabs) में एक्सपोर्ट (निर्यात) किया जाएगा। इससे वैश्विक चिप निर्माण उद्योग में भारत का दबदबा काफी बढ़ जाएगा।

क्यों गेम-चेंजर है यह निवेश?
भारत सरकार ने हाल ही में देश को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप मैन्युफैक्चरिंग में आत्मनिर्भर बनाने के लिए ₹1,27,500 करोड़ के बड़े बजट के साथ ‘सेमीकॉन 2.0’ (Semicon 2.0) नीति को मंजूरी दी है। सरकार की इस नीति के आते ही अमेरिकी दिग्गज कंपनी का इतना बड़ा निवेश यह साबित करता है कि दुनिया भर की टेक कंपनियां अब चीन और ताइवान पर अपनी निर्भरता कम करके भारत को एक सुरक्षित और भरोसेमंद ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग पार्टनर के रूप में देख रही हैं।


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