उज्जैन में ‘मुद्रा उत्सव’ की शुरुआत: एक छत के नीचे दिखे प्राचीन सिक्के और ब्रिटिशकालीन नोट, महाकाल परिसर में उमड़ी भीड़
उज्जैन: मध्य प्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के कोयला फाटक क्षेत्र स्थित महाकाल पैलेस परिसर में शुक्रवार (18 सितंबर 2026) से तीन दिवसीय प्राचीन सिक्कों और नोटों की भव्य प्रदर्शनी ‘मुद्रा उत्सव 2026’ शुरू हो गई है. इस प्रदर्शनी के पहले ही दिन प्राचीन इतिहास और दुर्लभ मुद्राओं को देखने के लिए बड़ी संख्या में आम लोग और मुद्रा प्रेमी पहुंचे.
यह अनोखा आयोजन उज्जैन कॉइन सोसाइटी द्वारा किया गया है, जो 18 से 20 सितंबर तक चलेगा. इसमें देश के अलग-अलग राज्यों और शहरों से आए बड़े सिक्का व नोट संग्रहकर्ताओं (कलेक्टर्स) ने अपने दुर्लभ कलेक्शन के स्टॉल लगाए हैं.
राजा-महाराजाओं के दौर से लेकर ब्रिटिश काल तक का इतिहास
प्रदर्शनी में आए स्टॉल संचालक विशाल सोनी ने बताया कि इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य प्राचीन और ऐतिहासिक काल के सिक्कों को सुरक्षित रखना तथा देशभर के कलेक्टर्स को एक मंच पर जोड़ना है. यहाँ प्राचीन राजा-महाराजाओं के समय के सिक्कों से लेकर ब्रिटिश हुकूमत के दौर के दुर्लभ नोट और वर्तमान समय की विशेष मुद्राएं प्रदर्शित की गई हैं.
लोग घरों से ला रहे हैं पुराने सिक्के, जान रहे हैं इतिहास और कीमत
इस ‘मुद्रा उत्सव’ को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह देखा जा रहा है. कई लोग अपने घरों में बरसों से सहेज कर रखे गए पुराने नोट और सिक्के लेकर भी यहाँ पहुँच रहे हैं. वे यहाँ मौजूद विशेषज्ञों से अपने सिक्कों का इतिहास, उनकी वर्तमान बाजार कीमत और उन्हें बदलने (एक्सचेंज) से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां ले रहे हैं. इसके अलावा, पुराने सिक्कों को कलेक्ट करने का शौक रखने वाले लोग अपनी पसंद की मुद्राएं यहाँ से खरीद भी रहे हैं.
शनिवार को होगी विशेष नीलामी (Auction)
आयोजकों के मुताबिक, 15,000 वर्ग फीट के इस विशाल हॉल में चल रहे मुद्रा उत्सव में शनिवार (19 सितंबर 2026) को दोपहर 2:00 बजे से एक विशेष ओसवाल ऑक्शन (OSWAL Auction No. 113) का भी आयोजन किया जाएगा, जहाँ दुर्लभ सिक्कों, मेडल्स और ऐतिहासिक बैंक नोटों की नीलामी की जाएगी.
यदि आप भी इतिहास को करीब से देखना चाहते हैं या पुरानी मुद्राओं को सहेजने के शौकीन हैं, तो 20 सितंबर तक उज्जैन के कोयला फाटक स्थित महाकाल पैलेस पहुँचकर इस अद्भुत प्रदर्शनी का हिस्सा बन सकते हैं.


