नई दिल्ली:
विदेश मंत्रालय ने चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश के विभिन्न स्थानों के नाम बदलने की नई कोशिशों को सिरे से खारिज करते हुए कड़ा रुख अपनाया है। भारत सरकार ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अविभाज्य और अभिन्न हिस्सा था, है और हमेशा रहेगा। चीन द्वारा मनगढ़ंत नाम रख देने से यह जमीनी हकीकत बदलने वाली नहीं है।
विदेश मंत्रालय के आधिकारिक प्रवक्ता ने बयान जारी कर कहा, “हमने देखा है कि चीन भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में स्थानों के नाम बदलने के अपने व्यर्थ और बेतुके प्रयासों को दोहरा रहा है। हम ऐसे प्रयासों को पूरी तरह से अस्वीकार करते हैं। नाम बदल देने से इस निर्विवाद सत्य पर कोई असर नहीं पड़ता कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है।”
नाम बदलने की चाल पर भारत की सख्ती
काल्पनिक दावों को खारिज किया: भारत ने स्पष्ट किया कि चीन की ऐसी हरकतों का कोई कानूनी या ऐतिहासिक आधार नहीं है।
विकास कार्य जारी रहेंगे: सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे, सड़कों और नागरिक सुविधाओं का विकास बिना किसी रुकावट के तेज गति से जारी रहेगा।
संप्रभुता से कोई समझौता नहीं: भारतीय सेना एलएसी (LAC) पर पूरी तरह मुस्तैद है और देश की क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
भारत की इस दो टूक प्रतिक्रिया से यह साफ संदेश गया है कि अपनी सीमाओं की सुरक्षा और संप्रभुता के मामले में देश किसी भी तरह का दबाव बर्दाश्त नहीं करेगा।


