त्विषा आत्महत्या मामले में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) की ओर से अदालत में दाखिल की गई चार्जशीट में कई चौंकाने वाले और भावुक कर देने वाले खुलासे हुए हैं। जांच एजेंसी द्वारा पेश किए गए इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों, खासकर व्हाट्सएप चैट्स से साफ जाहिर होता है कि मौत से ठीक पहले त्विषा किस कदर मानसिक प्रताड़ना और असहनीय दर्द से गुजर रही थीं।
व्हाट्सएप चैट में सामने आया दर्द
CBI द्वारा दाखिल की गई चार्जशीट में शामिल व्हाट्सएप मैसेज के स्क्रीनशॉट इस मामले में सबसे अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। अपनी जिंदगी के अंतिम लम्हों में भेजे गए एक संदेश में त्विषा ने लिखा, “अभी मुझे शांति से मरने दो…”। मैसेज के ये शब्द उनकी मानसिक स्थिति और उस दबाव को बयां करते हैं, जिसने उन्हें इतना घातक कदम उठाने पर मजबूर कर दिया।
चार्जशीट के मुख्य बिंदु:
अंतिम संदेशों के साक्ष्य: सीबीआई ने त्विषा के फोन से रिकवर किए गए चैट्स और फॉरेंसिक रिपोर्ट को चार्जशीट का मुख्य आधार बनाया है।
मानसिक प्रताड़ना का एंगल: चैट्स की बातचीत से संकेत मिलता है कि उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था।
आरोपियों की घेराबंदी: जांच एजेंसी ने इन व्हाट्सएप संदेशों को आत्महत्या के लिए उकसाने (Abetment to Suicide) का मजबूत डिजिटल सबूत माना है।
जांच एजेंसी की कार्रवाई
सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, व्हाट्सएप चैट के इस डिजिटल रिकॉर्ड को मिटाने की कोशिश भी की गई थी, लेकिन फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने डेटा रिकवर कर लिया। इन मैसेजेस के आधार पर अब संबंधित आरोपियों पर शिकंजा कसना लगभग तय माना जा रहा है।
अदालत में पेश इन नए व्हाट्सएप साक्ष्यों के बाद इस हाई-प्रोफाइल मामले में कानूनी प्रक्रिया और तेज होने की उम्मीद है।


