लखीसराय:
बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम (इंद्रदमनेश्वर महादेव) मंदिर में सोमवार की तड़के एक बड़ा दर्दनाक हादसा हो गया। सावन की सोमवारी पर जलाभिषेक करने पहुंचे श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच अचानक बिजली का खंभा गिरने से करंट फैल गया, जिससे मंदिर परिसर में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। इस हादसे में 7 महिला श्रद्धालुओं की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय लोगों के अनुसार, सावन के पवित्र सोमवार को लेकर मंदिर परिसर में तड़के से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। भीड़ अत्यधिक होने के कारण मंदिर परिसर में भारी दबाव बना हुआ था। इसी दौरान कतार के पास स्थित एक जर्जर बिजली का पोल अचानक झुककर श्रद्धालुओं पर गिर गया। खंभा गिरते ही खुले तारों के कारण वहां बिजली का करंट फैल गया। करंट की चपेट में आने और करंट के डर से मची भगदड़ में कई लोग नीचे गिर गए और कुचले गए।
राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तुरंत लखीसराय सदर अस्पताल और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है। प्रशासन ने क्षेत्र की बिजली आपूर्ति तुरंत बंद कराई और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया।
प्रशासनिक अव्यवस्था पर सवाल
सावन की सोमवारी पर प्रसिद्ध शिव मंदिरों में लाखों की भीड़ जुटना तय माना जाता है। इस हादसे के बाद मंदिर प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन के सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन के दावों पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। जर्जर बिजली के पोल और तारों को समय रहते न ठीक करना इस बड़े हादसे की मुख्य वजह बताया जा रहा है।
पुलिस और प्रशासन की ओर से राहत कार्य चलाए जा रहे हैं और मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।


