लाल किले से पीएम मोदी का बड़ा संबोधन: जानें भाषण की प्रमुख और बड़ी बातें
12 सालों का रिपोर्ट कार्ड और तेजी से बदलता भारत
प्रधानमंत्री ने पिछले एक दशक से अधिक समय में देश द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों का ब्योरा सामने रखा।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure), डिजिटल क्रांति, और रक्षा उत्पादन से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक—भारत ने हर मोर्चे पर अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ी है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी नीतियों और मजबूत निर्णयों के बल पर वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बना चुका है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बीते 12 वर्षों में भारत ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। बुनियादी ढांचे (Infrastructure), डिजिटल क्रांति, और रक्षा उत्पादन से लेकर अंतरिक्ष क्षेत्र तक—भारत ने हर मोर्चे पर अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ी है। उन्होंने कहा कि आज का भारत अपनी नीतियों और मजबूत निर्णयों के बल पर वैश्विक मंच पर एक नई पहचान बना चुका है।
“दूसरों पर निर्भरता खत्म, आत्मनिर्भरता ही एकमात्र रास्ता”
भाषण का सबसे प्रमुख केंद्र बिंदु देश की आर्थिक और तकनीकी आत्मनिर्भरता पर रहा।
आत्मनिर्भर भारत पर जोर देते हुए पीएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि 21वीं सदी में भारत को किसी अन्य देश पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। चाहे उन्नत तकनीक हो, महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) हों या रोजमर्रा के विनिर्माण उत्पाद—भारत को घरेलू स्तर पर ही उत्पादन बढ़ाना होगा। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को और अधिक सशक्त बनाने और स्थानीय उद्योगपतियों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया
पहली बार लाल किले से वंदे मातरम का भव्य गायन
इस वर्ष के स्वतंत्रता दिवस समारोह में एक नया और ऐतिहासिक क्षण भी देखने को मिला।
स्वतंत्रता दिवस के इस भव्य समारोह में पहली बार लाल किले की प्राचीर से ‘वंदे मातरम’ का राष्ट्रीय गायन किया गया। इस ऐतिहासिक पल ने पूरे प्रांगण को देशभक्ति के उत्साह और ऊर्जा से भर दिया। प्रधानमंत्री ने भी देशवासियों को प्रेरित करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण का यह संकल्प हर नागरिक के प्रयास से ही सिद्ध होगा।
युवाओं, किसानों और महिला शक्ति को संदेश
प्रधानमंत्री ने देश के विकास में विभिन्न वर्गों की भूमिका को रेखांकित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं और स्टार्ट-अप्स की सराहना करते हुए कहा कि आज का युवा न केवल नौकरी मांगने वाला, बल्कि नौकरी देने वाला बन रहा है। साथ ही, कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों और प्राकृतिक खेती के उपयोग पर बल दिया गया। उन्होंने नारी शक्ति का जिक्र करते हुए कहा कि देश के हर क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है।


