ऐतिहासिक गिरावट: 1 साल के सबसे निचले स्तर पर फिसला सोना, ऑल-टाइम हाई से करीब ₹43,000 प्रति 10 ग्राम सस्ता
नई दिल्ली/इंदौर: त्योहारों और शादियों के सीजन के बीच सराफा बाजार से सबसे बड़ी खबर आ रही है। वैश्विक बाजारों में आई भारी बिकवाली के दबाव में भारतीय वायदा बाजार (MCX) पर सोने की कीमतों में ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई है। ताज़ा कारोबारी सत्र में सोना पिछले 1 साल के सबसे निचले स्तर (1-Year Low) पर आ गया है। वैश्विक बाजारों में मची उथल-पुथल के कारण एमसीएक्स (MCX) पर दिसंबर एक्सपायरी का वायदा सोना एक ही दिन में ₹4,206 प्रति 10 ग्राम तक टूटकर ₹1,36,762 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बंद हुआ।
ऑल-टाइम हाई से भारी सुधार (Correction)
साल 2026 की शुरुआत में सोने ने निवेशकों को मालामाल करते हुए ₹1,80,000 प्रति 10 ग्राम के आसपास अपना नया ऑल-टाइम हाई बनाया था। लेकिन अब अमेरिकी केंद्रीय बैंक की नीतियों और वैश्विक लिक्विडिटी क्राइसिस के कारण कीमतें वहां से करीब 25% तक नीचे आ चुकी हैं। इसका सीधा मतलब है कि सोना अपने उच्चतम स्तर से लगभग ₹43,000 प्रति 10 ग्राम तक सस्ता मिल रहा है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का हाल
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार में भी सोने में भारी गिरावट देखी जा रही है। कॉमैक्स (COMEX) पर स्पॉट गोल्ड लगभग 3% गोता लगाकर $3,898 से $3,910 प्रति औंस (Ounce) के करीब पहुंच गया है। अक्टूबर 2025 के बाद से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का यह सबसे कमजोर स्तर है। सोने के साथ-साथ चांदी में भी ₹10,000 प्रति किलो से ज्यादा का भारी क्रैश देखा गया है।
सोने में भारी गिरावट के 2 मुख्य कारण:
- अमेरिकी ब्याज दरों का दबाव: अमेरिका में महंगाई के आंकड़े उम्मीद से ज्यादा मजबूत रहने के कारण अमेरिकी फेडरल रिजर्व (US Fed) द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रखने की आशंका बढ़ गई है। जब ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो निवेशक सोने जैसी गैर-ब्याज वाली संपत्तियों से पैसा निकालकर सरकारी बॉन्ड में लगाने लगते हैं।
- टेक शेयरों में बड़ी बिकवाली: वैश्विक शेयर बाजारों, विशेषकर अमेरिका के टेक्नोलॉजी और AI सेक्टर के शेयरों में भारी गिरावट आई है। इस गिरावट के कारण बड़े संस्थागत निवेशकों (Institutions) को कैश (Liquidity) की सख्त जरूरत पड़ी, जिसकी भरपाई के लिए उन्होंने सोने में जमकर मुनाफावसूली (Profit Booking) की है।
खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है सलाह?
सराफा बाजार के विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि आप धनतेरस, दिवाली या आगामी शादियों के सीजन के लिए आभूषण (Jewelry) खरीदने या डिजिटल गोल्ड/सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो यह गिरावट आपके लिए एक बेहतरीन मौका (Buying Opportunity) साबित हो सकती है। लंबी अवधि के लिहाज से कीमतों में आया यह बड़ा सुधार खरीदारी के लिए काफी सुरक्षित माना जा रहा है


